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आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से दबकर 8वीं के छात्र की मौत, गिरगिट देख भागने के दौरान हादसा

Chhattisgarh crime: 8 साल से अधूरा पड़ा है आंगनबाड़ी भवन, दोस्तों के साथ खेलने के दौरान हुआ हादसे का शिकार

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आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से दबकर 8वीं के छात्र की मौत, गिरगिट देख भागने के दौरान हादसा

Student death

कुसमी. सामरी क्षेत्र के ग्राम टाटीझरिया में अधूरे पड़े आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से मंगलवार को मलबे में दबकर 14 वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए कुसमी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान बुधवार की दोपहर उसकी मौत (School student death) हो गई। मामले में पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी हुई हैं। (Chhattisgarh crime)


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टाटीझरिया निवासी 14 वर्षीय दीपक नगेशिया पिता मुरली नगेशिया 8 वीं का छात्र था। वह मंगलवार की शाम करीब 4 बजे गांव के प्राथमिक विद्यालय के समीप करीब 8 वर्षों से डोर लेबल तक अधूरे में बने आंगनबाड़ी भवन के दीवार पर चढ़ कर अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था।

इसी दौरान गिरगिट को देख वह छज्जे से लटक कर नीचे उतरने लगा। इसी बीच छज्जा गिर गया और वह उसके नीचे दब गया। हादसे में दीपक को गम्भीर अंदरूनी चोटें आई थीं। परिजनों द्वारा देर शाम कुसमी अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया था।

यहां उपचार के दौरान बुधवार की सुबह करीब 3 बजे उसकी मौत (school student death) हो गई। बेटे की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची कुसमी पुलिस ने पंचनामा के बाद शव का पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।


9 साल से अधूरा पड़ा है आंगनबाड़ी भवन
मृतक के परिजनों ने बताया कि उक्त आंगनबाड़ी भवन पिछले करीब 9 सालों से बन रहा है। पिछले योजना के सरपंच द्वारा भवन का प्लींथ लेबल तक कार्य किया गया था, वहीं वर्तमान सरपंच द्वारा डोर लेबल तक कार्य कर बंद कर दिया गया है।


शव वाहन की सुविधा नहीं होने से होती हैं परेशानी
कुसमी विकासखंड में काफी सुदूर अंचल व घाट पहाड़ क्षेत्रों तक लोग बसे हुए हैं। कई क्षेत्रों में सुविधाओं का काफी अभाव व रोजगार साधन नही होने से गरीबी भी है।

अक्सर कुसमी अस्पताल में किसी वजह से मौत के बाद यहां शव वाहन की सुविधा नहीं होने से विवशता में ग्रामीणों को ज्यादा रकम खर्च कर शव को अपने गांव तक ले जाना पड़ता है। जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहता हैं उन्हें काफी परेशानी होती है।

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