जनपद से एक मामला सामने आया है कि पति पत्नी का रिश्ता जितना पवित्र होता है उतना ही नाजुक भी होता है।
बलरामपुर. जनपद से एक मामला सामने आया है कि पति पत्नी का रिश्ता जितना पवित्र होता है उतना ही नाजुक भी होता है। जिसके चलते कभी कभी मामूली बाते भी रिश्तों की डोर को कमजोर कर देते हैं। ऐसे में कुछ आपस के लोग भी होते हैं जो मौके का भरपूर फायदा उठाने के लिए जहां-तहां की बातों को जोड़कर रिश्तो में खटास पैदा कर देते हैं। अक्सर लोगों के नजरिए में बुरी माने जाने वाली खाकी कभी-कभी ऐसे अच्छे काम भी करती है जिसकी नजीर हम समाज में देने को मजबूर हो जाते हैं।
सालों से चल रहा था पति-पत्नी का विवाद
ऐसा ही कुछ महिला थाने में हुआ जहां सालों से चल रहे पति-पत्नी के विवाद का मामला प्रकाश में आया था। यहां शाहजहां बेगम पुत्री जमीर अहमद निवासी शिवपुरा बाजार थाना ललिया ने महिला थाने पर दहेज की मांग को लेकर पति, सास, ससुर पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए लिखित तहरीर महिला थाने में दी थी। जिस पर महिला थानाध्यक्ष साधू राम व महिला एसआई मीना सिंह ने संज्ञान लेते हुए विपक्षीगण को थाने में तलब किया और दोनों के बीच मध्यस्थता का प्रयास किया।
सशर्त हो गई सुलह
थानाध्यक्ष तथा सब इंस्पेक्टर मीना सिंह व एचसीपी श्याम सुंदर चौधरी के अथक प्रयास के बाद मामले में सशर्त सुलह हो गई। जिसके तहत पीड़िता का पति अपनी पत्नी को ले जाने को तैयार हो गया। साथ ही पूर्व में हुई गलतियों पर अफसोस जताते हुए भविष्य में ऐसा कुछ न करने की बात भी कही। लिखित सुलह नामे के बाद थानाध्यक्ष की मौजूदगी में दोनों पक्ष राजी खुशी होकर पीड़िता को थाने से ही विदा करा कर ले गए।
थाने से ही कराई पीड़िता की विदाई
पूरे मामले पर महिला थाने में तैनात महिला सब इंस्पेक्टर मीना सिंह ने बताया कि महिला थाने की स्थापना महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए ही की गई है और उन के सम्मुख आने वाली समस्याओं को यहां तैनात अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने का प्रयास करते हैं। यह मामला भी प्रकाश में आते ही इसमें विपक्षी गण से संपर्क कर मामले के निस्तारण का प्रयास तेज कर दिया गया था। जिसके तहत आज थाने से ही पीड़िता की विदाई कराई गई है और दोनों पक्ष राजी खुशी रहने को तैयार हैं।