मुख्य अतिथि इशरत जमाल ने डा. प्रांजल, डा. निधि व डा. देवेश को सम्मानित किया। विशिष्ठ अतिथि डा. भी सिंह ने राष्ट्रीय स्तर पर आयुष चिकित्सा को स्थापित करने के लिए नीमा की सरहाना की। डा प्रांजल ने कहा कि आयुर्वेद एवं योग दोनों एक दूसरे के पूरक है। पंचकर्म द्वारा आसाध्य रोगों को ठीक किया जा सकता है। डा. इकबाल ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को संचालन डा शहंशाह आलम ने किया।