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कठुआ गैंगरेप कांड-मासूम को न्याय दिलाने को निकाला कैंडिल मार्च

बोलीं-आज लड़की कहीं भी सुरक्षित नहीं है, बलात्कारियों के लिए फांसी का कानून बनाया जाना चाहिए।  

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Kathua Gangrape Case

बांदा. जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में मंदिर परिसर में हुए नाबालिक लड़की से गैंग रेप कांड के बाद उस मासूम को न्याय दिलाने के लिए हर जगह विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। शनिवार को बाँदा शहर में दर्जनों छात्र-छात्राओं ने कैंडिल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने गैंग-रेप पीडि़ता को न्याय दिलाने व आरोपियों को फ़ांसी दिए जाने की मांग की। छात्र-छात्राओं ने कहा कि आज के समय में लड़की कहीं भी सुरक्षित नहीं है, बलात्कारियों के लिए फांसी का कानून बनाया जाना चाहिए।

बतादें कि बीते दिनों जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में राजस्व विभाग के रिटायर्ड आफिसर, उसके लड़के, भतीजे सहित कई लोगों ने 8 वर्षीय नाबालिक लड़की आसिफा के साथ मंदिर परिसर में गैंगरपे की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद से ही पूरे देश में इस मासूम को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है और बलात्कारियों को कड़ी सजा देने की माँग की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को दर्जनों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने शहर में कैंडिल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया व आरोपियों को फ़ांसी की सजा सुनाये जाने की मांग की।

लड़कियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं

छात्राओं ने कहा की एक मासूम बच्ची जिसकी उम्र 8 साल की थी उस मासूम बच्ची के साथ कुछ दरिंदो ने गैंग-रेप की घटना कर मानवता को शर्मसार किया है। कहा कि एक मासूम बच्ची के साथ मंदिर के देव स्थान पर जहाँ पूरी दुनिया के लोग पूजा और प्रार्थना करते हंै, उस स्थान पर उस मासूम बच्ची के साथ इन दरिंदो ने तीन बार गैंग-रेप करके उसका गला घोट दिया और गला घोटने के बाद उस बच्ची के सिर में दो बार पत्थर मारा जिससे मासूम बच्ची की मौत हो जाती है। आज हम आसिफा को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरे हैं व कैंडिल मार्च निकालकर आरोपियों को सख्त सजा सुनाये जाने की माँग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में लड़कियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, जबकि लड़का-लड़की को सामान दर्जा दिया जाने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि आज हम सड़क, स्कूल, बस, ट्रेन कहीं पर भी सुरक्षित नहीं हैं।

फांसी की सजा भी कम है
छात्राओं ने कहा कि आसिफा के साथ हुई बलात्कार की घटना के दोषियों के लिए फ़ांसी की सजा भी काम है। सरकार को बलात्कार की सजा के लिए फांसी घोषित करनी चाहिए। कहा कि जिन लोगों ने इस मासूम बच्ची के साथ ऐसी घिनौनी हरकत की है, उन सभी लोगों पर सख्त कार्यवाही की जाए। उन्हें फ़ांसी की सजा सुनाई जाए, ये हमारी माँग है, ताकि आने वाले दिनों में यदि कोई इंसान ऐसा घिनौना काम करने की सोचे को इसका अंजाम सोचकर उसकी रूह काँप जाए।