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‘जब किसी का नाम कटेगा तब बनेगा राशन कार्ड’ बांदा में लाचार दिव्यांग को अफसरों ने 3 साल ‘दौड़ाया’, सुनते ही ADM ने लगाई फटकार

Banda News: बांदा में 3 साल से राशन कार्ड के लिए भटक रहे दिव्यांग की बात सुन गुस्से से लाल हुए ADM। अधिकारी को लगाई कड़ी फटकार, कहा- तुरंत बनाओ कार्ड। जानें पूरा मामला...

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बांदा में लाचार दिव्यांग को अफसरों ने 3 साल दौड़ाया | फोटो सोर्स- X(@UPMedia2026)

Banda News: जब व्यवस्था सो जाती है, तो आम जनता को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां दोनों पैरों से पूरी तरह दिव्यांग एक युवक पिछले तीन साल से अपना राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। शुक्रवार को जब पीड़ित कलेक्ट्रेट पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई, तो उसकी आपबीती सुनकर वहां मौजूद एडीएम का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने तुरंत जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) को बुलाकर कड़ी फटकार लगाई और जल्द से जल्द राशन कार्ड बनाने का आदेश दिया।

'जब किसी का नाम कटेगा, तब तुम्हारा बनेगा'- अधिकारी ने दिए ऐसे तर्क

यह पूरा मामला बांदा जिले की नरैनी तहसील के बरुआ स्योढ़ा गांव का है। यहां रहने वाले बच्चा सिंह दोनों पैरों से पूरी तरह दिव्यांग हैं। डॉक्टरों ने भी उन्हें शत-प्रतिशत दिव्यांग होने का सर्टिफिकेट दिया हुआ है।
बच्चा सिंह का कहना है कि वह पिछले 3 सालों से राशन कार्ड के लिए कभी तहसील तो कभी ब्लॉक के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं था। वहां तैनात अधिकारी हर बार उनसे यही कहते थे कि जब राशन कार्ड की लिस्ट से किसी दूसरे का नाम कटेगा, तभी तुम्हारा नाम जोड़ा जाएगा और कार्ड बनेगा।

गुस्से में आए ADM ने दिए जांच के आदेश

अधिकारियों के टालमटोल वाले रवैये से तंग आकर शुक्रवार को पीड़ित दिव्यांग सीधे डीएम ऑफिस पहुंच गया। वहां उन्होंने एडीएम को बताया कि वह बहुत गरीब हैं और उन्हें गरीबी रेखा से नीचे वाला यानी 'लाल राशन कार्ड' (अंत्योदय कार्ड) चाहिए।
एक दिव्यांग युवक की यह परेशानी देखकर एडीएम बहुत नाराज हो गए। उन्होंने आपूर्ति विभाग के बड़े अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई और कहा कि सारी कागजी कार्रवाई को तुरंत पूरा करके पीड़ित का राशन कार्ड जारी किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह पता लगाने को भी कहा कि आखिर 3 साल से इस गरीब को परेशान क्यों किया जा रहा था।

विभागीय सफाई, 'प्रक्रिया चल रही है, जल्द बनेगा कार्ड'

मामला गरमाने और एडीएम के सख्त रुख के बाद जिला पूर्ति अधिकारी ने विभाग का पक्ष रखते हुए सफाई दी। उन्होंने बताया कि बच्चा सिंह का नाम पहले उनके परिवार के संयुक्त 'पात्र गृहस्थी' राशन कार्ड में शामिल था। पीड़ित ने परिवार से अलग अपना नया कार्ड बनाने का आवेदन दिया था, जिसके बाद साल 2025 में उनका नाम पुराने कार्ड से अलग किया गया था। अब नए राशन कार्ड के लिए जो आवेदन मिला है, उसकी पात्रता की जांच कराई जा रही है और जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी कर कार्ड जारी कर दिया जाएगा।