
Village JaKHANIYA IN BANDA
जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के निदेशक गिरिराज गोयल ने कहा कि, देश में जल संरक्षण के लिए बांदा मॉडल लागू होगा। जलशक्ति मंत्रालय के डायरेक्टर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, जिलाधिकारी अनुराग पटेल से अन्य जिलाधिकारियों को भी सीख लेनी चाहिए, जल संरक्षण के क्षेत्र में किये गये कार्य अनुकरणीय है। जनपद बाँदा में जन संरक्षण के क्षेत्र में काफी नये-नये कार्य किये गए हैं।
जिला अधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि, अभी हम लोग डिंगवाही में हैं, इस तालाब में जब हमने काम शुरू किया था। इसमें जलकुंभी थी जिसको हमने, प्रधान व ग्रामीणों ने मिलकर साफ़ किया था, अब इसका जल स्वच्छ दिख रहा है, अब इसमें अमृत सरोवर बन गया है, अब हम इसमें विकास कराएँगे, इसके अलावा बाँदा जनपद में और 49 तालाब थे जो हमने साफ़ किये है। इसके बाद अब हम जखनी गांव में काम भी देखा गया। जो हमने गहरान नदी को जीवित किया है, नरैनी तहसील में हनुमान तालाब है, अमृत सरोवर जो हम लोगो ने दो अमृर सरोवरों को जीवित किया।
उसको देखेंगे और आखरी में कालिंजर के तालाब सगरा डैम में भी काफी अच्छा काम हुआ है। जिससे हमारे जिले का नाम बहुत बड़ा हुआ है। अब यहाँ का जल संरक्षण मॉडल देश भर में लागू करने की घोषणा करने से बहुत ज्यादा खुशी हो रही है।
बांदा जिले में जल संरक्षण वाले स्थलों का निरीक्षण करने के बाद डायरेक्टर सीधे कालिंजर दुर्ग में आयोजित के कार्यक्रम में पहुंचे। जल संरक्षण गोष्ठी में डायरेक्टर गिरराज गोयल ने कहा कि, जखनी जल गाँव नहीं बल्कि जल तीर्थ बन रहा है। बुंदेलखंड में बांदा सबसे पानीदार होने जा रहा है, हमें ऐसी ही लगन से आगे भी काम करते रहना होगा। जिस तरह से यहां के लोग पानी के लिए जागरूक हो रहे हैं वह मील का पत्थर साबित होगा।
Published on:
04 Sept 2022 07:27 pm

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