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यूपीएस से रेलवे के 31 हजार 230 कर्मचारियों को होगा लाभ

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 अगस्त को एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को मंजूरी दे दी, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के पेंशन लाभों को बढ़ाना है, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद उनकी अधिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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कर्मचारी विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे एनपीएस और यूपीएस


बेंगलूरु. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 अगस्त को एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को मंजूरी दे दी, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के पेंशन लाभों को बढ़ाना है, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद उनकी अधिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मंगलवार को आयोजित ऑनलाइन पत्रकार सम्मेलन में दक्षिण पश्चिम रेलवे की वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी कुसुमा हरिप्रसाद और मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन) शुजा महमूद ने यूपीएस और रेलवे कर्मचारियों के लिए इसके लाभों का विस्तृत जानकारी दी। हुब्बल्ली, मैसूरु और बेंगलूरु रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी कुसुमा हरिप्रसाद ने बताया कि इस योजना से दक्षिण पश्चिम रेलवे के लगभग 31,230 रेलवे कर्मचारियों (यानी 80 प्रतिशत) को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो वर्तमान में एनपीएस के अंतर्गत आते हैं और 7,712 कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत आते हैं। इसके अतिरिक्त इन कर्मचारियों के पास मौजूदा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और नई एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के बीच चयन करने का विकल्प होगा। एकीकृत पेंशन योजना के लाभ: सुनिश्चित पेंशन कम से कम 25 साल की सेवा वाले सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन मिलेगी। कम सेवा वाले लोगों को उनके कार्यकाल के अनुपात में पेंशन मिलेगी, जिसमें न्यूनतम सेवा 10 वर्ष निर्धारित की गई है।
सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन: कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके जीवनसाथी को कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन का 60 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन मिलेगी।
सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन: न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा वाले कर्मचारी सेवानिवृत्ति पर न्यूनतम 10,000 रुपए प्रति माह पेंशन के हकदार होंगे। मुद्रास्फीति सूचकांक: सुनिश्चित पेंशन और पारिवारिक पेंशन दोनों को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे बढ़ती कीमतों के साथ तालमेल बनाए रखें।
महंगाई राहत: यूपीएस के तहत सेवानिवृत्त लोगों को मौजूदा कर्मचारियों के समान औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू) के आधार पर महंगाई राहत मिलेगी।
कुसुमा हरिप्रसाद ने बताया कि सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी के अलावा, कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त भुगतान मिलेगा, जो सेवा के प्रत्येक छह महीने के लिए उनके मासिक परिलब्धियों (वेतन और महंगाई भत्ते सहित) के 1/10वें हिस्से के बराबर होगा। इस भुगतान से सुनिश्चित पेंशन की राशि कम नहीं होगी। दक्षिण पश्चिम रेलवे के सभी डिवीजनों और विभागों में कुल लाभार्थी इस प्रकार हैं। दपरे मुख्यालय में 794 कुल कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इनमें गैर-राजपत्रित कर्मचारी 715 और राजपत्रित कर्मचारी 79 हैं। वहीं हुब्बल्ली मंडल में 10,215 कुल कर्मचारी हैं। इनमें से 10,161 गैर-राजपत्रित कर्मचारी और 54 राजपत्रित कर्मचारी हैं। बेंगलूरु मंडल में कुल 10,286 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इनमें से 10,215 गैर-राजपत्रित कर्मचारी तथा 71 राजपत्रित कर्मचारी शामिल हैं। वहीं मैसूरु मंडल में कुल 5,952 कुल कर्मचारी हैं। इनमें से 5,918 गैर-राजपत्रित कर्मचारी तथा 34 राजपत्रित कर्मचारी शामिल हैं। हुब्बल्ली वर्कशॉप में 2,164 कुल कर्मचारी हैं। इनमें से 2,160 गैर राजपत्रित कर्मचारी तथा 4 राजपत्रित कर्मचारी, मैसूरु वर्कशॉप में कुल 1358 कर्मचारी हैं। इनमें से 1,350 गैर राजपत्रित तथा 8 राजपत्रित कर्मचारी कर्मचारी, निर्माण विभाग में कुल लाभान्वित कर्मचारी 461 हैं। इनमें से 422 अराजपत्रित कर्मचारी तथा 39 राजपत्रित कर्मचारी शामिल हैं।
दक्षिण पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. मंजूनाथ कनमाड़ी ने बताया कि एकीकृत पेंशन योजना उन लोगों के लिए सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए सरकार के समर्पण का प्रमाण है जिन्होंने रेलवे और राष्ट्र की अथक सेवा की है। यह हमारे कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह सुनिश्चित करता है कि उनकी सेवा के वर्षों को वह वित्तीय सुरक्षा मिले जिसके वे हकदार हैं।