- प्लास्टिक पर प्रतिबंध: 9 हजार से अधिक छापे
Karnataka में वर्ष 2016 में कानून लागू होने के बाद से प्लास्टिक प्रतिबंध के उल्लंघनकर्ताओं से 4.33 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला है। विधान परिषद में सोमवार को यह जानकारी सरकार की ओर से मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी ने दी।
भाजपा सदस्य पी.एम. मुनिराजू गौड़ा के सवाल का जवाब देते हुए पुजारी ने कहा कि पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक के उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए राÓय प्रतिबद्ध है और मौजूदा नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सभी स्थानीय निकायों को सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का निर्देश देंगे।
उन्होंने कहा कि अब तक 9,000 से अधिक छापे मारे गए हैं और 4.33 करोड़ रुपए जुर्माना वसूला गया है। पहली बार उल्लंघन के लिए 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाता है जबकि दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10 हजार और तीसरी बार 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। राज्य में प्रतिदिन कुल 8&0.26 टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है और इसमें से &17.42 टन अकेले बेंगलूरु शहरी जिले से होता है। मंत्री ने सदन को बताया कि मैसूरु और चित्रदुर्ग में प्रतिदिन क्रमश: 144.75 टन और 60.7& टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है।
कांग्रेस सदस्य प्रकाश राठौड़ ने कहा कि राय में हर दिन तीन टन से अधिक प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा है। राठौड़ ने मांग की कि राÓय को प्रत्येक नागरिक की रसोई से सिंगल यूज प्लास्टिक के पुन: उपयोग को रोकने के उपाय शुरू करने चाहिए।
बिजली खरीद पर सालाना 33 हजार करोड़ खर्च
बेंगलूरु. राज्य सरकार बिजली खरीद समझौते (पीपीए) के तहत बिजली खरीदने पर हर साल करीब 33 हजार करोड़ रुपए खर्च करती है।
यह जानकारी ऊर्जा मंत्री वी. सुनील कुमार ने सोमवार को विधान परिषद में भाजपा की भारती शेट्टी के सवाल में जवाब में दी। उन्होंने कहा कि राÓय ऊर्जा पारेषण निगम लिमिटेड (केपीटीसीएल) और बिजली आपूर्ति कंपनियों पर अगस्त अंत तक कुल &8,97& करोड़ रुपए का कर्ज है। इसमें विकास कार्यों और बिजली खरीद के लिए लिए गए दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि अगस्त तक केपीटीसीएल पर 9,590.99 करोड़ रुपए का कर्ज है, जबकि बेसकॉम पर 1&,61&.2& करोड़ रुपये का कर्ज है। चेसकॉम, मेसकॉम, हेसकॉम और गेसकॉम पर क्रमश: &,5&6.25 करोड़, 1,282.&8 करोड़, 7,480.65 करोड और &,472.15 करोड़ रुपए का कर्ज है। 38 लाख किसानों को आईपी सेट के लिए दी जाने वाली सब्सिडी के लिए सालाना 1&,000 करोड़ रुपए का प्रावधान है। यह भाग्य Óयोति और कुटीर Óयोति योजनाओं के लिए दी गई लगभग 700 करोड़ रुपए की सब्सिडी के अलावा है।