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स्टार नस्ल के 50 कछुए सिंगापुर से वापस कर्नाटक लाए गए

तस्करी के जरिये बेचा गया था सिंगापुर में
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स्टार नस्ल के 50 कछुए सिंगापुर से वापस कर्नाटक लाए गए

बेंगलूरु. अंतरराष्ट्रीय बचाव अभियान के तहत स्टार नस्ल के 50 भारतीय कछुओं को सोमवार देर रात सिंगापुर से केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लाया गया। अवैध तरीके से इनकी कर्नाटक से ही तस्करी हुई थी। जिसके बाद तस्करों ने इन्हें सिंगापुर में ही बेच दिया था। सिंगापुर प्रशासन ने कुछ वर्षपहले इन कछुओं को बरामद किया था। जिसके बाद कछुए सिंगापुर में ही एनिमल कंसन्र्स रिसर्च एंड एजुकेशन सोसाइटी (एसीआरइएस) बचाव केंद्र में थे। लंबे समय से इन कछुओं को वापस लाने की कोशिशें जारी थीं।
गैर सरकारी संस्थान वाइल्डलाइफ एसओएस, एसीआरइएस और वन विभाग के अथक प्रयासों से यह संभव हो सका। कछुओं की जानकारी पर एसओएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक सत्यनारायण के साथ प्रदेश वन विभाग की टीम सिंगापुर गई थी। सत्यनारायण ने बताया कि शुरुआती जांच में इन कछुओं के कर्नाटक के होने की पुष्टि हुई। वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सिंगापुर एयर लाइंस ने इन कछुओं को नि:शुल्क भेजा है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के प्रबंधन (विशेष परियोजना) वसीम अकरम ने बताया कि कछुओं को कहां छोड़ा जाएगा इस पर वन विभाग के साथ विश्लेषण जारी है। कछुओं को छोडऩे के बाद इनकी निगरानी व पहचान के लिए इनमें रेडियो टेलीमेट्री डिवाइस (टैग्स) लगाए जाएंगे।
तीन माह तक रखेंगे कछुओं को निगरानी में
प्रधान मुख्य संरक्षक (वन्यजीव) कर्नाटक सी. जयराम ने बताया कि इन कछुओं के अनुकूल विशेष रूप से तैयार बक्सों में लाया गया। जंगल जैसी परिस्थितियों में करीब तीन माह तक इन कछुओं को निगरानी में रखेंगे। इस दौरान इनके स्वास्थ्य व खुद से जंगल में बचे रहने की क्षमता की जांच होगी। सब कुछ ठीक रहने की स्थिति में कछुओं को जंगल में छोडऩे की योजना है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम,1972 के तहत स्टार नस्ल के कछुओं को संरक्षण प्राप्त है।

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