27 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सरकारी चिकित्सक अब निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों का इलाज नहीं कर सकेंगे

file photo

कर्नाटक सरकार Karnataka Government ने बुधवार को आदेश जारी कर सरकारी चिकित्सकों को उनकी निजी प्रैक्टिस Private Practice में इन-पेशेंट (आइपीडी) इलाज देने से रोक दिया है। हालांकि, उन्हें निर्धारित शर्तों के तहत आउट-पेशेंट opd (ओपीडी) सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी गई है। यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिनमें आरोप था कि सरकारी अस्पतालों में भर्ती के लिए आने वाले मरीजों को चिकित्सक निजी अस्पतालों में भेज रहे हैं।

पूरी तरह प्रतिबंधित

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जारी आदेश में कहा, निजी अस्पतालों में इन-पेशेंट इलाज से सरकारी चिकित्सकों की नियमित जिम्मेदारियों में बाधा आती है, इसलिए आइपीडी या प्रस्तावित आइपीडी इलाज को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। सरकारी चिकित्सक केवल ड्यूटी समय के बाहर और इस शर्त पर ओपीडी प्रैक्टिस कर सकेंगे कि इससे सरकारी सेवाएं प्रभावित न हों।

नियमों का उल्लंघन कदाचार माना जाएगा

आदेश के अनुसार, इन नियमों का उल्लंघन करने पर इसे कदाचार माना जाएगा और कर्नाटक सिविल सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केरल जैसे राज्यों में भी इसी तरह की सख्त शर्तों के साथ केवल ओपीडी निजी प्रैक्टिस की अनुमति है।

देखभाल में लापरवाही के कई मामले

सरकार ने माना है कि चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल में लापरवाही के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ मामलों में मौतें भी हुई हैं। इस मुद्दे को कर्नाटक लोकायुक्त सहित कई संस्थाओं ने उठाया था। इसके अलावा, कर्नाटक प्रशासनिक सुधार आयोग ने भी सार्वजनिक सेवा को प्राथमिकता देने के लिए चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी।