नए अनुसंधानों से उद्योगों को फायदा पहुंच रहा है। एक जमाना था जब उद्योगपतियों को अनुसंधान शब्द का अर्थ मालूम नहीं था।
सिरसी-कारवार. नए अनुसंधानों से उद्योगों को फायदा पहुंच रहा है। एक जमाना था जब उद्योगपतियों को अनुसंधान शब्द का अर्थ मालूम नहीं था। वर्ष १९९६ में नई औद्योगिक नीति जारी की गई। जिन उद्योगपतियों को औद्योगिक अनुसंधान में दिलचस्पी है उन्हें नए अनुसंधान पर गौर करने की आवश्यकता है।
ये विचार जिला प्रभारी मंत्री आर.वी. देशपांडे ने रविवार को सिरसी के एपीएमसी मार्ग पर एक निजी औद्योगिक इकाई के उद्घाटन समारोह में व्यक्त किए। देशपांडे ने कहा कि उन्होंने वर्ष २००१ में उद्योग मंत्री के रूप में औद्योगिक अनुसंधान के लिए कर में छूट देकर अनेक अवसर मुहैया करवाए गए। वर्तमान में केंद्र व राज्य सरकार की ओर से औद्योगिक अनुसंधान को प्राथमिकता दी जा रही है। विश्व में औद्योगिक तथा प्रौद्योगिकी विकास के लिए जिम्मेदार मनुष्य आज सभी कामों के लिए यंत्रों पर ही निर्भर है। औद्योगिक इकाइयों की रक्षा के लिए आधुनिकता व मंडी को प्राथमिकता दी जा रही है।
सिरसी-सिद्दापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने कहा कि जिले में सिरसी नगर तीव्रगति से विकास कर रहा है। सामाजिक, आर्थिक व शैक्षिक रूप से विकसित हो रहे सिरसी का नवनिर्माण दिखाई दे रहा है। कृषि तथा अन्य क्षेत्र में अनुसंधान किया जा रहा है।
इस अवसर पर राधा. आर. देशपांडे, टीएसएस अध्यक्ष शांताराम हेगडे शिगेहल्ली, आर.के. देशपांडे, डी.सी.सी. अध्यक्ष भीमण्णा नायक सहित अनेक उपस्थित थे। स्वागत दीपक हेगडे दोड्डूर ने किया।
अय्यप्पा भक्तों ने निकाली रैली
हुब्बल्ली. शहर के अयप्पा भक्तों ने शबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर न्यायालय के आदेश के विरोध में यहां रैली निकाली। शबरीमालाा अयप्पा सेवा समाज के नेतृत्व में निकाली गई रैली स्टेशन रोड स्थित ईश्वर मंदिर से शुरू हुई जो शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई मुरूसाविर मठ पहुंचकर विशाल जनसभा में बदल गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कोर्ट के आदेश से लाखों भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना था कि कोर्ट ने एक गैर सरकारी संगठन के तर्कों के आधार पर फैसला दे दिया लेकिन सदियों पुरानी मान्यता को दरकिनार कर दिया। रैली में भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।