11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

साधु-संतों से लिया आशीष

आचार्य पुष्पदंत सागर व विनय मुनि के दर्शन कर आशीर्वाद लिए
2 min read
Google source verification
jainism

साधु-संतों से लिया आशीष

बेंगलूरु. श्रद्धालुओं के बेंगलूरु से चेन्नई गए एक प्रतिनिधिमंडल ने आचार्य महाश्रमण, साध्वी धर्मप्रभा, मुनि प्रवीण ऋषि, आचार्य पुष्पदंत सागर व विनय मुनि के दर्शन कर आशीर्वाद लिए।


संसार में दुखों का पार नहीं
नवकार महामंत्र के 68 अक्षरों का पूजन
बेंगलूरु. शंखेश्वर पाŸवनाथ जैन संघ राजाजीनगर में आचार्य मुक्ति सागर सूरी ने कहा कि संसार में दुख दर्द, पीड़ा और परेशानियों का कोई पार नहीं है। आप जो चाहते हैं, वह मिलता नहीं है और जो मिलता है वह सब भोग नहीं पाते हो एवं जो भोगते हो वह सुख देगा, उसकी भी कोई गारंटी नहीं है।
उन्होंने शांत सुधारस ग्रंथ की संसार भावना को समझाते हुए कहा कि संसार वृद्धि के केंद्र में विषय और कषाय दोनों है। आज सुबह खाया गया खाना शाम को अच्छा नहीं लगा या कल खाई हुई सब्जी अथवा मिठाई आज फिर अच्छी नहीं लगेगी। कपड़े भी हर रोज नए पहनने का मन करेगा जिसका कारण है कि मन को बदलाव चाहिए। जबकि गुस्सा सुबह किया तो शाम को भी करेंगे। आज किया तो कल फिर कर लेंगे या धन का लोभ आज हुआ तो कल फिर होगा ही। यूं कषायों में पुनरावर्तन चलता रहता है। आाचर्य की निश्रा में चल रहे नवकार महामंत्री अखण्ड जाप साधना और 68 अक्षरों का महापूजन संपन्न हुआ। रविवार को प्रात: 6 बजे आराधना की पूर्णाहुति पर विसर्जन विधान के साथ ही नवकार महामंत्र के पट्ट तथा कलश की रथयात्रा निकाली जाएगी।


तप अत्यंत शक्तिशाली
हिरियूर (चित्रदुर्गा). राजेंद्र भवन में आचार्य कीर्तिप्रभ सूरीश्वर व मुनि तपप्रभ विजय, मुनि संयमपभ विजय ने गुरुवार को प्रवचन में तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ के समवसरण की व्याख्या की। संतों ने कहा कि तप में बहुत शक्ति होती है। तपस्वियों को तो देव भी नमसकार करते हैं और आत्मा निर्मल होने लगती है। शुक्रवार को मासखमण तपस्वी बहनों का पचखान करवाया जाएगा। शनिवार को वरघोड़ा निकाला जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।