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बाबा रामदेव थाणे खम्मा गणी…

कलाकार सोनू सीरियारी वाले के सान्निध्य में गणेश वंदना से भजनों की शुुरुआत की गई

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बाबा रामदेव थाणे खम्मा गणी...

बेंगलूरु. रामदेव भक्त मंडल, बिड़दी के तत्वावधान में मैसूरु रोड पर बिड़दी के सरोजामा चिकतमया कल्याण मंडप में रविवार को सातवां वार्षिक उत्सव 'एक शाम बाबा रामदेव के नामÓ भजन संध्या व रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। जोगरदोड्डी, बेरमंगला, और हेज्जाला मैसूरु रोड के चारों गांव के व्यापार मंडलों के बिड़दी रामदेव भक्त मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम के प्रारंभ में बाबा रामदेव की तस्वीर पर पुष्पहार अर्पित कर ज्योत प्रज्वलित की व भोग चढ़ाया। कलाकार सोनू सीरियारी वाले के सान्निध्य में गणेश वंदना से भजनों की शुुरुआत की गई।

गायक कलाकार ने गुरु बिन गोर अंधेरा....की प्रस्तुति से गुरु महिमा का बखान किया तो बाबा रामदेव थाणे खम्मा गणी...., ओड़ चुंदड़ मैं तो गई सत्संग में... सहित चामुण्डा माता के कई भजनों की प्रस्तुति दी। मायड़ भाषा में भजनों से माहौल धर्ममयी हो उठा और भक्त नाचने-झूमने लगे। महाप्रसादी में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम में दुर्गाराम, बगदाराम, सम्पतलाल, महावीर जैन, पुखराज अशोक, सांवरलाल, लक्ष्मण, कालूराम, रमेश कुमार, चंद्रप्रकाश, लादुराम, सुखाराम, भोमाराम, ओमप्रकाश, चेलाराम, खियाराम, व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।


सुख के साथ दुख भी जरूरी
बेंगलूरु. विजयनगर स्थानक में साध्वी मणिप्रभा ने कहा कि जिस प्रकार शरीर को मीठी वस्तु की आवश्यकता है उसी प्रकार कड़वा भी शरीर के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई बार कड़वी औषधि का भी सेवन करना पड़ता है। ठीक उसी प्रकार इस जीवन में सुख के साथ-साथ दुख का आना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि अगर सुख ही सुख आता रहा तो व्यक्ति सुख में इतना बेइमान हो जाता है कि भगवान को ही भूल जाता है। उन्होंने कहा किइसलिए जीवन में दुख का आना भी बहुत जरूरी है ताकि वह भगवान का नाम स्मरण कर सके।


जीवन में चतुरता जरूरी
बेंगलूरु. फ्रेजर टाउन स्थित वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में साध्वी निधि ज्योति ने कहा कि चतुरता की जीवन में कदम-कदम पर आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान तो प्रत्येक प्राणी में होता है, किंतु चतुर अपने ज्ञान का भलीभांति लाभ प्राप्त कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि विवेकी व चतुर सूर्य के प्रकाश से लाभ उठाते हैं और सूर्य के प्रकाश का उपयोग सम्यककर्मी में करते हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रकाश में देखकर चलते हैं, जिसमें किसी जीव की हिंसा न हो जाए। उन्होंने कहा कि अज्ञानी सूर्य के प्रकाश का दुरुपयोग करते हैं।