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अतीत के पन्नों में रह जाएगा बादामी हाउस

अस्सी के दशक तक बेंगलूरु में फिल्मों के प्रदर्शन से पहले अवलोकन की सुविधा वाली एकमात्र इमारत ‘बादामी हाउस’

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BADAMI HOUSE

बेंगलूरु. अस्सी के दशक तक बेंगलूरु में फिल्मों के प्रदर्शन से पहले अवलोकन की सुविधा वाली एकमात्र इमारत ‘बादामी हाउस’ अब इतिहास के पन्नों में ही शेष रहने वाली है। सरकार इमारत पर अपने दावे की लड़ाई हार चुकी है और इस पर मालिकाना हक पाने वाले डेवलपर्स सौ साल से भी अधिक पुरानी संरचना को ढहाकर नया निर्माण करने की तैयारी में है।


अब सिर्फ यह इंतजार किया जा रहा है कि कर्नाटक चलचित्र अकादमी (केसीए) तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग की फिल्म इकाई अपने कार्यालयों को नंदिनी लेआउट में अमृतोत्सव भवन में स्थानांतरित कर लें। केसीए अध्यक्ष एसवी राजेन्द्र सिंह बाबू ने कहा कि अकादमी को इमारत खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

केसीए रजिस्ट्रार एचबी दिनेश ने बताया कि डा. राजकुमार भी यहां अपनी फिल्मों का पूर्वावलोकन करते थे। यहां का प्रियदर्शिनी थियेटर वर्षों तक फिल्म पूर्वावलोकन का एकमात्र स्थान होता था। अगले माह केसीए खुद को नंदिनी लेआउट में स्थानांतरित कर लेगा।


इतिहासकार जे प्रकाश कहते हैं कि बहुभाषी फिल्मकार और भारतीय सिनेमा की पहली फिल्म आलमआरा में साउंड रिकार्डिस्ट रहे सर्वोत्तम बादामी ने जार्ज ओकीज से यह इमारत खरीदी थी। उन्होंने बाद में एक डेवलपर्स को बेच दी। शुरुआती दिनों में यहां ब्रिटिश और अमरीकी पुस्तकालय हुआ करते थे।

संस्था को दीर्घजीवी बनाते हैं समर्पित कार्यकर्ता
राजाजीनगर तेरापंथ सभा के तत्वावधान में तेरापंथ भवन में साध्वी कंचनप्रभा ने कहा कि तेरापंथ धर्म संघ एक आचार्य की आज्ञा अनुशासन में चलता है, उसी प्रकार महासभा के निर्देशन में पूरा श्रावक समाज चलता है।


महासभा सौ वर्ष का कार्यकाल सफर तय कर चुकी है। समर्पित कार्यकर्ता ही संस्था को दीर्घजीविता प्रदान करते हैं, क्योंकि उस व्यक्तित्व को गुरु इंगित आराधना का वरदान मिल जाता है। साध्वी मंजूरेखा ने कहा कि तेरापंथ धर्म संघ में सभी आचार्यों ने साधु, साध्वियों तथा श्रावक समाज को श्रद्धा समर्पण, विनय एवं सौहाद्र्र के साथ जीना सिखाया है। उसी की निष्पत्ति हर व्यक्ति का बहुआयामी विकास है। इस मौके पर जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष किशनलाल डागलिया व उनकी टीम का तेरापंथ सभाध्यक्ष सुखलाल पितलिया ने स्वागत किया। डागलिया ने अपनी टीम की सराहना करते हुए कहा कि इनके सहयोग से देश की करीब ४०० सभाओं से संपर्क करने का, उन्हें जाग्रत करने का अवसर मिला। महासभा के महामंत्री प्रफुल्ल बेताला, उपाध्यक्ष ज्ञानचंद आंचलिया, विनोद लूणिया, दीपचंद नाहर ने भी विचार व्यक्त किए।


तेरापंथ महिला मंडल ने स्वागत गीत पेश किया। साध्वी उदितप्रभा, साध्वी निर्भयप्रभा, साध्वी चेलनाश्री ने शासन भक्ति भरा गीत का संगान किया। अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

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