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इस्कॉन मंदिर में मनाई बलराम जयंती

मूर्तियों को नई पोशाक और गहनों से सजाया

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इस्कॉन मंदिर में मनाई बलराम जयंती

इस्कॉन मंदिर में मनाई बलराम जयंती

बेंगलूरु. राजाजीनगर स्थित इस्कॉन मंदिर में रविवार को बलराम जयंती श्रद्धा, उल्लास एवं भक्ति भाव से मनाई गई। श्रावण मास की पूर्णिमा को श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम के अवतरण का दिन है। बलराम रोहिणी और वासुदेव के सातवें पुत्र थे। उन्हें बलदेव, संपरषण के नाम से भी जाना जाता है। बलराम हमें आत्म-साक्षात्कार की यात्रा में सभी बाधाओं को दूर करने की शक्ति देते हैं। बलराम जयंती उत्सव स्थानीय भक्तों द्वारा इस्कॉन बेंगलूरु मंदिर में आयोजित किया। मूल मूर्तियों को नई पोशाक और गहनों से सजाया गया। इस अवसर पर भजन, हवन और भजनों का आयोजन किया गया। शाम 6 बजे श्रीकृष्ण और बलराम का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और मीठा पानी), पंचामृत, विभिन्न फलों के रस, जड़ी-बूटियों से अभिषेक किया गया। छप्पन भोग कृष्ण बलराम को समर्पित किया गया। बलराम जयंती का आयोजन शयन आरती के साथ सम्पन्न हुआ।

रक्षाबंधन पर की समुद्र पूजा
मेंगलूरु. कदली स्थित योगेश्वर मध्य प्रमुख योगीराज निर्मलनाथ के सान्निध्य में रक्षाबंधन के उपलक्ष में मठ में यज्ञ कर पूर्णाहुति दी गई। बाद में मछुआरों के साथ समुंद्र में पूजा अर्चना की गई। यह समुंद्र पूजा प्रति वर्ष रक्षाबंधन के दिन की जाती है। इस दौरान पवनसिंह बागरा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।