शहर में आज हर जगह गड्ढे और घटिया निर्माण कार्य दिख रहा है। पालिका में हर एक कार्य के लिए 50 फीसदी कमीशन की मांग की जाती है।
बेंगलूरु. विधायक कृष्ण बैरेगौड़ा ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के घटिया निर्माण और 40 फीसदी कमीशन के कारण इन दिनों Bengaluru डूबने लगा है।
उन्होंने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि शहर में आज हर जगह गड्ढे और घटिया निर्माण कार्य दिख रहा है। पालिका में हर एक कार्य के लिए 50 फीसदी कमीशन की मांग की जाती है। सरकार किसी मामले को लेकर गंभीर नहीं है। कमीशन के आरोप लगने पर भी सरकार ने कोई जांच नहीं कराई।
उन्होंने कहा कि बेंगलूरु विश्व में सूचना एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी का हब था। भाजपा सरकार ने इसे गड्ढों का शहर, ड्रग्स का प्रमुख केंद्र, मैदान, मस्जिद और मंदिर के विवादों से उपजे टेंशन का शहर बना दिया है। बेंगलूरु की यह हालत देख कर हर कोई सवाल कर रहा है कि शहर में प्रशासन है या नहीं? शहर का दुनिया भर में अपमान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को बेंंगलूरु के अलावा पूरे प्रदेश को देखना है। बोम्मई ने किसी को बेंगलूरु का प्रभारी मंत्री तक नहीं बनाया। सरकार में प्रभारी मंत्री पद को लेकर आंतरिक झगड़ा चल रहा है।
शहर के चारों तरफ चार विकसित होंगे उपनगर
बेंगलूरु. सरकार ने बेंगलूरु के चारों तरफ चार सैटेलाइट टाउन (उप नगर) बनाने का फैसला किया है। शहरी विकास विभाग को इसका खाका तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने गुरुवार देवनहल्ली में केपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास नाडप्रभु केपेगौड़ा पारंपरिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण के केंपेगौड़ा थीम पार्क का शिलान्यास करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि शहर में चारों तरफ उप नगर निर्मित करने सरकार के कब्जे में ली गई भूमि का इस्तेमाल होगा। इन चार उप नगरों को शहर के प्रमुख सरकारी बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों से मेट्रो रेल संपर्क की व्यवस्था उपलब्ध होगी। थीम पार्क के लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपए आवंटित किए है। प्रदेश के सभी जिलों से मिट्टी संग्रहित कर यहां इस्तेमाल की जाएगी। यहां केंपेगौड़ा के जीवन पर आधारित संग्रहालय स्थापित होगा।
उन्होंने कहा कि बेंगलूरु के विकास को ध्यान में रख कर एयरपोर्ट को मेट्रो से जोड़ा जाएगा। पैरिफिरेल रिंग रोड भी बनेगी। देवनहल्ली के विकास के लिए एक मास्टर प्लान तैयार होगा। उन्होंने कहा कि केंपेगौड़ा के बारे में अगली पीढी को जानकारी देना अनिवार्य है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण, राजस्व मंत्री आर.अशोक, स्वास्थ्य मंत्री डॉ.के.सुधाकर, सहकारिता मंत्री एसटी सोमशेखर, बागवानी मंत्री मुनिरत्न, आबकारी मंत्री के.गोपालय्या और अन्य मंत्री उपस्थित थे।