.सबसे घातक और आक्रामक किस्म के ब्रेन ट्यूमर ग्लियोब्लास्टोमा मल्टीफार्म (जीबीएम) की अब जल्दी और आसानी पहचान करना संभव हो सकेगा। शहर में स्थित प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है। वैज्ञानिक, रक्त सीरम में मौजूद सी-रिएक्टिव प्रोटीन (सीआरपी) को जीबीएम की पहचान में महत्वपूर्ण कड़ी मान रहे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक जीबीएम के मरीजों में सीआरपी का स्तर सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा होता है। इसका कारण है कि मरीज के मस्तिष्क में मौजूद ट्यूमर से निकलने वाला इंटरल्यूकिन-6 (आईएल 6) अणु, जिगर तक पहुंच इसे ज्यादा सीआरपी बनाने पर मजबूर करता है। इस आधार पर सीआरपी के बढ़े स्तर को जीबीएम का सूचक माना जा सकता है।