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हाथियों के मार्ग में बाधा बना बेंगलूरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे

मंत्री ने बताया कि हाथियों की बढ़ती संख्या और पारंपरिक गलियारों (कॉरिडोर) में बाधा आने से जंगल से सटे इलाकों में फसल नुकसान की घटनाएं बढ़ी हैं।

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मानव-हाथी संघर्ष

file photo

वन मंत्री ईश्वर खंड्रे Ishwar Khandre ने कहा कि सरकार बेंगलूरु दक्षिण जिले में मानव-हाथी संघर्ष Human-Elephant Conflict को कम करने के लिए कदम तेज कर रही है। इसके तहत बैरियर मजबूत किए जा रहे हैं और विशेष टास्क फोर्स तैनात की जा रही हैं।

फसलों को नुकसान

विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस एमएलसी एस. रविकुमार के सवालों के जवाब में मंत्री ने बताया कि हाथियों की बढ़ती संख्या और पारंपरिक गलियारों (कॉरिडोर) में बाधा आने से जंगल से सटे इलाकों में फसल नुकसान की घटनाएं बढ़ी हैं। बेंगलूरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे बनने के बाद हाथियों के मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे वे अधिक बार जंगलों से बाहर आ रहे हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

262 किलोमीटर रेलवे बैरिकेड बनाए गए

मंत्री के अनुसार, सरकार ने रेलवे बैरिकेड, खाइयों (ट्रेंच) और सोलर फेंसिंग जैसे कई सुरक्षात्मक उपाय किए हैं। उनके मंत्री बनने के बाद रामनगर जिले में 262 किलोमीटर रेलवे बैरिकेड बनाए गए हैं, जबकि बन्नेरघट्टा क्षेत्र में 86 किलोमीटर काम चल रहा है। इसके अलावा, करीब 89 करोड़ रुपए की लागत से 525 किलोमीटर बैरिकेड निर्माण कार्य प्रगति पर है, और इस वर्ष 117 किलोमीटर के लिए 200 करोड़ रुपए अतिरिक्त मंजूर किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि दो हाथी टास्क फोर्स पहले ही तैनात की जा चुकी हैं, और जरूरत पडऩे पर बेंगलूरु दक्षिण जिले के लिए एक और टास्क फोर्स बनाई जा सकती है।