
पत्रिका कार्यालय में 'बिटिया एट वर्क': बेटियों ने पिता से उनके काम का गुर सीखा
बेंगलूरु. पिता घर के स्तंभ होते हैं और बेटियां शक्तिपुंज। शक्तिपुंज बेटियों को जब पिता का मार्गदर्शन और अनुशासन मिलता है तब वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की ऊंची उड़ान भरती हैं। बेटियों को सफल, सशक्त, स्वावलंबी और आत्मविश्वासी बनाने में पिता का संबल सबसे महत्वपूर्ण होता है। शनिवार को राजस्थान पत्रिका कार्यालय में बेटियां अपने पिता के इसी कामकाज से परिचित हुईं।
राजस्थान पत्रिका द्वारा वल्र्ड डॉटर्स-डे पर मनाए जा रहे 'बिटिया सप्ताहÓ के अंतर्गत कर्मचारियों की बेटियों को उनके पिता के काम से परिचित कराने के लिए यह विशेष आयोजन किया गया। अपने पिता की कार्यस्थली पर पहुंचकर बेटियों ने देखा और महसूस किया कि कैसे उनके पिता काम करते हैं। पिता की कुर्सी पर बैठकर बेटियों ने पिता से उनके काम के गुर सीखे। बेटियों ने जाना कि उनके पिता काम करते हुए कैसे विभिन्न चुनौतियां झेलते हैं। बेटियोंं ने उत्सुकता के साथ पिता के काम को जाना, समझा और जिम्मेदारियों का अहसास किया।
उत्सवी माहौल में कर्मचारियों ने अपनी बेटियों को कार्यालय में होने वाले दैनिक कामकाज की जानकारी दी। बेटियों को पेशेवर काम की जिम्मेदारी और महत्ता से अवगत कराया गया। बेटियों को सशक्त और सफल बनाने का सपना पाले पिताओं ने उत्साहपूर्वक बेटियों को राजस्थान पत्रिका में होने वाली अद्वितीय रिपोर्टिंग, संपादन, पेज मेकिंग, मुद्रण, विपणन प्रणाली, प्रबंधन आदि की बारीकियों से अवगत कराया।
अपने माता-पिता के साथ पहुंची बेटियां
सतीश एम. की बेटी अर्चना एवं शीतल, मुनिकृष्णा की बेटी स्नेहा, राजीव मिश्रा की बेटी यश्वी, जीवेन्द्र झा की बेटी वर्णिका, रमेश चौधरी की बेटी पूजा, रचना एवं प्रिया, कमलेश चौरसिया की बेटी अन्वेषा एवं महक तथा भतीजी सुरभि, जयंती सेल्वराज की बेटी ऐश्वर्या, अरविंद की बेटी रम्या एवं कीर्तना, हरीश बाबू एम. की बेटी गहना और देवराज की बेटी हर्षिता शामिल हुई।
पत्रिका ने किया बेटियों का सम्मान
लाडली बेटियों के जीवन को नया आयाम देने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के मकसद से आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान पत्रिका ने बेटियों को सम्मानित किया। विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में सफल बेटियों के अतिरिक्त उपस्थित सभी बेटियों को सम्मानित किया गया। पत्रिका के विपणन सलाहकार ए. गिरीश राय, स्थानीय संपादक राजेन्द्र शेखर व्यास, शाखा प्रबंधक अभिषेक एम प्रभु ने बेटियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में अनुरूपा चंद्रशेखर, गोपाल शर्मा, गायत्री की महत्ती भूमिका रही।
लाडली बेटियों ने दिखाई प्रतिभा
आत्मविश्वास से लबरेज बेटियों के लिए विभिन्न प्रकार की मनोरंजक प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की गईं, जिसमें बेटियों ने उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा दिखाई। म्यूजिकल चेयर्स प्रतियोगिता में संगीत की धुनों पर झूमती बेटियों ने सभी की वाहवाही लूटी और इसमें प्रथम तीन स्थानों पर क्रमश: रम्या पिता अरविंद कुमार, सुरभि भतीजी कमलेश चौरसिया तथा पूजा पिता रमेश चौधरी रहीं। लेमन एंड स्पून में रमेश चौधरी की बेटियां रचना एवं पूजा प्रथम दो स्थानों पर रहीं जबकि कमलेश चौरसिया की भतीजी सुरभि तीसरे नम्बर पर आई। बैलून प्रतियोगिता में जयंती सेल्वराज की बेटी ऐश्वर्या राज ने पहला स्थान हासिल किया जबकि कमलेश चौरसिया की भतीजी सुरभि दूसरे तथा रमेश चौधरी की बेटी पूजा तीसरे स्थान पर रही।
Published on:
30 Sept 2018 05:23 pm
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