
टीपू सुल्तान जयंती आयोजन के मुद्दे पर भिड़े पार्षद
बेंगलूरु. महानगर पालिका की ओर से भी टीपू सुल्तान जयंती के आयोजन को लेकर पार्षदों के बीच मंगलवार को मासिक बैठक में कहा-सुनी हुई। बैठक के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के पार्षदों ने बीबीएमपी की ओर से भी टीपू सुल्तान जयंती मनाने की मांग रखी। इस मांग का भाजपा के पार्षदों ने विरोध करते हुए कहा कि भाजपा बीबीएमपी की ओर से ऐसे आयोजन के खिलाफ है।
सदन में इस मांग को लेकर भाजपा तथा अल्पसंख्यक समुदाय के पार्षदों के बीच विवाद में हस्तक्षेप करते हुए सत्तासीन दल के नेता एम. शिवराजू ने कहा कि टीपू सुल्तान जयंती मनाने का फैसला राज्य सरकार का है, लिहाजा बीबीएमपी की ओर से भी जयंती मनाने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। सत्तासीन कांग्रेस तथा जनता दल-एस के पार्षदों ने इस मांग का समर्थन किया।
बीबीएमपी के आयुक्त मंजूनाथ प्रसाद ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार के फैसले के अनुसार बीबीएमपी की ओर से भी टीपू सुल्तान जयंती मनाई जाएगी। उधर, सदन में विपक्ष के नेता पद्मनाभ रेड्डी ने कहा कि भाजपा इस आयोजन के पक्ष में नहीं है, इसलिए इस आयोजन का विरोध किया जाएगा। भाजपा इस आयोजन के खिलाफ शहर में अभियान चलाएगी।
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हेब्बालकर के खिलाफ आचार संहित उल्लंघन के 4 मामले खारिज
बेंगलूरु. कर्नाटक हाई कोर्ट ने प्रदेश कांग्रेस महिला अध्यक्ष लक्ष्मी हेब्बालकर के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित चार मामलों को खारिज कर दिया है। हेब्बालकर के खिलाफ इसी वर्ष संपन्न राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगा था। उनके खिलाफ इस प्रकार के कुल चार मामले दर्ज किए गए थे।
हालांकि हेब्बालकर ने शुरू से ही अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया था और इसे प्रतिद्वंद्वियों की साजिश करार दिया था। उन्होंने चारों मामलों को निरस्त करने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया और मामलों को खारिज करने के लिए याचिका दायर की।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सभी मामलों को खारिज करने का आदेश सुनाया। हेब्बालकर के लिए इसे एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता था।
Published on:
25 Oct 2018 04:55 pm
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