
मंत्रिमंडल की बैठक: कृषि ऋण माफी के लिए अध्यादेश लाएगी सरकार
बेंगलूरु. राज्य मंत्रिमंडल ने इस साल के बजट में की गई 2 लाख रुपए तक के कृषि ऋण माफ करने की घोषणा पर अमल करते हुए प्रदेश के किसानों द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया करीब 32 हजार करोड़ रुपए का ऋण माफ करने का निर्णय लेकर राज्य के किसानों को वरमहालक्ष्मी पर्व का उपहार दिया है।
शुक्रवार को यहां मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में दो महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। पहले निर्णय में सरकार ने बजट घोषणा के मुताबिक प्रदेश के किसानो का ऋण माफ करने के संबंध में सरकारी आदेश जारी कर दिया। 32 हजार करोड़ के इस ऋण में 25 हजार रुपए तक का चालू ऋण भी माफ करने को स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमने इस पूरे पैकेज के ऋणों की अदायगी अगले चार साल में करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैकों से लिए कुल ऋणों की राशि 30,160 करोड़ रुपए है जो सहकारी ऋणों के अलावा है। दोनों ऋणों को जोडऩे पर कुल 42 से लेकर 43 हजार करोड़ रुपए का ऋण माफी पैकेज होगा।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान राष्ट्रीयकृत बैकों को ऋण माफी की मद में 6500 करोड़, 19-20 में 8,656 करोड़, 20-12 में 7,621 करोड़ तथा 21-22 में 7,131 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बैंकों ने हालांकि चार किस्तों में भुगतान पर सहमति जताई है लेकिन ब्याज की रकम छोडऩे से मना कर दिया है जो करीब 7,419 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि अब किसानों व बैकों का आपस में सीधे कोई सरोकार नहीं होगा क्योंकि अब यह मसला केवल सरकार व बैैकों के बीच का रह गया है। उन्होंने कहा कि 16.24 लाख किसानों को ब्याज मापी का लाभ मिलेगा जबकि 6.23 लाख किसानों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा। कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य सरकार चार किश्तों का इंतजार नहीं करेगी और हम तय समय से पहले ही बैंकों का कर्ज चुका कर देंगे।
साहूकारों पर कसेगी नकेल
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय किया गया है। जहां पूर्व मुख्यमंत्री देवराज अर्स ने अपने कार्यकाल में कर्ज माफी कानून बनाया था। हमने इस संबंध में एक अध्यादेश लाने का निर्णय किया है। इस अध्यादेश को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
उन्होंने कहा कि कृषि श्रमिकों, लघु किसानों तथा शोषित वर्ग के लोगों को इससे राहत मिलेगी। निजी साहूकार राशि वसूल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि आरबीआई के पास पंजीकृत गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों तथा सूक्ष्म वित्त कंपनियां इस योजना के तहत नहीं आएंगी और केवल गैर पंजीकृत साहूकार ही इसके दायरे में आएंगे। कितना धन होगा इसका आकलन करना संभव नहीं है पर इसे सूखे के कारण एक बार राहत के तौर पर लागू किया जाएगा।
सीएम राहत कोष में आए क्र २५ करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक कोडुगू जिले में हुई भारी बारिश के कारण काफी, मसालों व अन्य फसलों सहित कुल 3000 करोड़ रुपए की क्षति का अनुमान है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर राहत व पुनर्वास कार्य के लिए 2000 करोड़ रुपए की तत्काल सहायता जारी करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बाढ़ राहत कोष में आज शाम तक कुल 25.16 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं और राज्य सरकार के कर्मचारियों ने अपने एक दिन के वेतन के तौर पर कोडग़ू बाढ़ राहत कार्य के लिए कुल 102 करोड़ रुपए की धनराशि का योगदान किया है।
Published on:
25 Aug 2018 05:28 am
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