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दावा : 95 फीसदी शहर में कचरे की समस्या नहीं

उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान पालिका ने कहा 5 नवम्बर तक 100 फीसदी सफाई

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दावा : 95 फीसदी शहर में कचरे की समस्या नहीं

बेंगलूरु. बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के मुताबिक शहर के 95 फीसदी इलाकों में कचरे के निस्तारण की समस्या नहीं है। पालिका ने बुधवार को कचरा निस्तारण और सफाई से जुड़ी एक याचिका पर कर्नाटक उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह दावा किया।

पालिका की ओर से दायर शपथ पत्र में दावा किया गया है कि शहर के 95 फीसदी इलाकों में कचरे की सफाई हो चुकी है और बाकी 5 फीसदी इलाकों में भी यह काम अगले एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा। मुख्य न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पालिका के वकील ने कहा कि शहरी निकाय ने उन स्थलों की भी पहचान की है जहां लोग कचरा फेंकते हैं।

ऐसे जगहों पर रंगोली बनाने के साथ ही फूल भी रखे गए हैं ताकि लोग वहां कचरा नहीं फेंके। इससे पहले सुनवाई के दौरान जजों ने पालिका के वकील से पूछा कि क्या शहर की सफाई का काम पूरा हो गया है? क्या बैनर-फ्लेक्स की तरह शहर राज्योत्सव से पहले कचरा मुक्त हो गया है? इसके जवाब में पालिका ने कहा कि पिछले एक सप्ताह के दौरान शहर के अधिकांश इलाकों में कचरे की सफाई की गई है।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह एक मंदिर के प्रवेश द्वार के पास कचरा पात्र लगाने के कारण कचरे की समस्या को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पालिका को 31 अक्टूबर तक शहर को कचरा मुक्त बनाने के निर्देश दिए थे। साथ ही पालिका को इसकी प्रगति के बारे में भी अवगत कराने के लिए कहा था।

बुधवार को सुनवाई के दौरान जजों ने मौखिक तौर पर कहा कि जो लोग सड़क पर कचरा फेंकते हैं उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए। अदालत ने इसके लिए पालिका को सीसीटीवी कैमरों की मदद लेने की भी सलाह दी।

पालिका के शहर की सफाई का कार्य पूरा करने के लिए पांच नवम्बर तक की मोहलत मांगने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई पांच नवम्बर तक स्थगित करते हुए पालिका को सफाई का काम पूरा करने के निर्देश दिए। अदालत ने इससे पहले पालिका को शहर की सड़कों को भी गड्ढा मुक्त बनाने के निर्देश दिए थे।