
बेंगलूरु. हाई कोर्ट ने गुरुवार को अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित स्पोट्र्स ड्रामा फिल्म मैदान को क्लीन चिट दे दी। इसके बाद फिल्म मैदान गुरुवार को ही सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह फिल्म फुटबॉल कोच सैयद अब्दुल रहीम के जीवन पर आधारित है और इसे अमित शर्मा ने निर्देशित किया है।
इससे पहले पटकथा लेखक अनिल कुमार की साहित्यिक चोरी की शिकायत के चलते मैसूरु की एक सत्र अदालत ने कर्नाटक में फिल्म की रिलीज रोक दी थी। अब बताया गया है कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने रिलीज पर लगी रोक हटा दी है। गुरुवार को हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने रिलीज पर लगी रोक हटा दी, जिसके बाद फिल्म निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रिलीज कर दी गई।
इससे पहले आज, मैदान के निर्माताओं ने स्थगन आदेश के जवाब में एक्स (ट्विटर) पर एक बयान जारी किया था। इसमें लिखा था, प्रिय सभी, हमें अभी-अभी फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वाले जिला न्यायाधीश के आदेश की प्रति दी गई है। शुरुआत में, हम रेकॉर्ड पर रखना चाहेंगे कि जिला न्यायाधीश द्वारा पारित उक्त आदेश एक है हमें सुनवाई का अवसर दिए बिना, एकपक्षीय आदेश दिया गया।
इसमें आगे कहा गया, उक्त मुकदमा दायर करने या मामले की सुनवाई से पहले हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया था। इसके अतिरिक्त, उक्त आदेश फिल्म की रिलीज के बाद पारित किया गया है और इसलिए, ऐसा कोई भी आदेश पारित किया गया है जो फिल्म की रिलीज पर रोक लगाता है, कानून के तहत निष्प्रभावी है।
कर्नाटक हाई कोर्ट जाने की बात करते हुए निर्माताओं ने कहा था, हालांकि, हम आदेश के खिलाफ कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष अपील दायर कर रहे हैं। हम उक्त आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने खिलाफ तत्काल राहत के लिए मामले को उच्च न्यायालय के समक्ष ले जाएंगे।
स्क्रिप्ट राइटर का सबूत होने का दावा
स्क्रिप्ट राइटर अनिल कुमार का दावा है कि उन्होंने 2010 में अपनी फिल्म की कहानी लिखना शुरू की थी। 2018 में उन्होंने इसके बारे में एक पोस्टर साझा किया और लिंक्डइन के माध्यम से सहायक निर्देशक सुखदास सूर्यवंशी से संपर्क किया। सूर्यवंशी ने उन्हें मुंबई बुलाया और स्क्रिप्ट मांगी। उनका दावा है कि उनके पास सबूत के तौर पर चैट हिस्ट्री है। सूर्यवंशी के दावे के मुताबिक कुछ कारणों से वे आमिर खान से नहीं मिल सके। इसके बाद उन्होंने सुखदास सूर्यवंशी को कहानी दी और इसे स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन के साथ पंजीकृत कराया।
गुमनाम नायक की सच्ची कहानी
यह फिल्म गुमनाम नायक सैयद अब्दुल रहीम की सच्ची कहानी की झलक पेश करती है, जिन्होंने अपना जीवन फुटबॉल के लिए समर्पित कर दिया और भारत को बहुत गौरव दिलाया। उनकी जीवनी पर आधारित स्पोट्र्स ड्रामा फिल्म कोच सैयद अब्दुल रहीम के नेतृत्व में भारतीय फुटबॉल के स्वर्ण युग को श्रद्धांजलि है, जिसमें 1951 और 1962 के एशियाई खेलों में टीम की जीत को दर्शाया गया है। फिल्म में प्रियामणि, गजराज राव और बंगाली अभिनेता रुद्रनील घोष प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन अमित रविंदरनाथ शर्मा ने किया है। फिल्म का संगीत एआर रहमान ने तैयार किया है।
Published on:
11 Apr 2024 11:21 pm

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