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सीएम इब्राहिम बोले अदालत जाऊंगा : मैं अभी भी जद-एस का प्रदेश अध्यक्ष

इब्राहिम को 17 नवंबर को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए जद -एस से निलंबित कर दिया गया था। देवगौड़ा ने 19 अक्टूबर को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में इब्राहिम को हटा कर एचडी कुमारस्वामी को नियुक्त कर दिया था।

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बेंगलूरु. जद-एस के निलंबित नेता सीएम इब्राहिम ने सोमवार को दावा किया कि वे अभी भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे या नहीं, इसका पता 9 दिसंबर को चलेगा। इब्राहिम ने कहा कि वे पार्टी से अपने निलंबन पर रोक लगाने के लिए अदालत जाएंगे और इस संबंध में चुनाव आयोग को भी लिखेंगे।

इब्राहिम को 17 नवंबर को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए जद -एस से निलंबित कर दिया गया था। देवगौड़ा ने 19 अक्टूबर को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में इब्राहिम को हटा कर उनके स्थान पर अपने बेटे एचडी कुमारस्वामी को नियुक्त कर दिया था।

इब्राहिम ने कहा, मैं अब भी जद-एस का प्रदेश अध्यक्ष हूं। अगर वे (देवगौड़ा) राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, तो 9 दिसंबर को पता चलेगा। अगर राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और प्रदेश अध्यक्ष उन्हें हटा दें तो वे (देवगौड़ा) राष्ट्रीय अध्यक्ष कैसे रहेंग?
उन्होंने कहा, मैं अब भी देवगौड़ा से अपील करता हूं, वे 90 वर्ष के हैं, अपने बेटे की खातिर ऐसा (भाजपा के साथ गठबंधन) नहीं करें। उन सिद्धांतों का त्याग नहीं करें जिनके लिए अपने पूरे जीवन में हमेशा खड़े रहे। यहां तक कि जब रामविलास पासवान और शरद यादव चले गए, तब भी वे अपनी विचारधारा पर कायम रहे और जनता दल एस अस्तित्व में आया (1999 में जनता दल के विभाजन के बाद)।

गठबंधन नहीं तोड़ा तो कार्रवाई करेंगे

पिछले सप्ताह तिरुवनंतपुरम में विभिन्न राज्यों के जद (एस) नेताओं की एक बैठक में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होने के देवगौड़ा के फैसले को औपचारिक रूप से खारिज करने के लिए 9 दिसंबर को बेंगलूरु में पार्टी का राष्ट्रीय पूर्ण सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सीके नानू ने कहा था कि यदि देवगौड़ा एनडीए में शामिल होने के फैसले को रद्द नहीं करते, तो पार्टी की पूर्ण बैठक 9 दिसंबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें इस फैसले को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया जाएगा और एकतरफा निर्णय लेने के लिए देवगौड़ा के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या देवगौड़ा खुद पार्टी में हैं?

देवगौड़ा द्वारा पार्टी से निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए, इब्राहिम ने कहा, यह क्या पागलपन है? क्या वह खुद पार्टी में हैं? उनके साथ कौन है? एक राष्ट्रीय परिषद की बैठक हुई, 11 पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भाग लेने आए थे। देवगौड़ा और अन्य लोग घबराए हुए थे। उनसे कम से कम राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाने के लिए कहें। वे या तो रिसॉर्ट्स में या घर या होटल में आठ-दस लोगों के साथ बैठक कर रहे हैं। उन्होंने कहा, बैठक नानू ने बुलाई थी। उन्होंने (देवगौड़ा ने) उन्हें बैठक नहीं बुलाने के लिए लिखा था, लेकिन बैठक बुलाई गई... जहां उन्होंने गौड़ा और अन्य को 9 दिसंबर तक का समय देने का फैसला किया। अगर उन्होंने अपना फैसला (एनडीए में शामिल होने का) नहीं बदला तो हम हम अपना अगला कदम उठाएंग। मैं भी बैठक का हिस्सा था।

निलंबन का कोई नोटिस नहीं मिला

यह कहते हुए कि पार्टी से निलंबित करने से पहले उन्हें कोई नोटिस या पत्र नहीं दिया गया था, इब्राहिम ने कहा, क्या यह उनका (देवगौड़ा) घर है? क्या मैं उनका नौकर हूं? वह कुमारस्वामी या किसी और के साथ ऐसा कर सकते ह, जिसे उन्होंने नौकरी पर रखा हो? वे मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते। मैं अदालत जा रहा हूं और रोक की मांग करूंगा। मैं चुनाव आयोग को भी लिख रहा हूं। मैं 9 दिसंबर की बैठक का इंतजार कर रहा हूं। एनडीए में शामिल होने के फैसले के बाद इब्राहिम ने जद-एस नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह का झंडा उठाया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री, इब्राहिम ने पहले भी दावा किया था कि उनका गुट धर्मनिरपेक्ष होने के कारण मूल जद-एस है और प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते, वे कर्नाटक में संगठन के बारे में निर्णय ले सकते हैं।