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मंदिरों के निर्माल्य से बन रही है कंपोस्ट खाद

पर्यावरण के लिए अच्छे संकेत

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मंदिरों के निर्माल्य से बन रही है कंपोस्ट खाद

बेंगलूरु. स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर शहर के 40 से अधिक मंदिरों ने मंदिर में पूजा-सामग्री तथा भगवान की प्रतिमा पर चढाएं गए फूल पत्तों से कंपोस्ट खाद बनाने की इकाई स्थापित की है। सबसे पहले वर्ष 2016 में शहर के मल्लेश्वरम स्थित वेणुगोपाल स्वामी मंदिर में यह इकाई स्थपित की गई थी। उसके पश्चात गत दो वर्ष में ऐसी इकाई स्थापित करने वाले मंदिरों की संख्या बढ़ रही है। अगले सप्ताह मल्लेश्वरम के मशहूर काडु मल्लेश्वरस्वामी के मंदिर में ऐसी इकाई स्थापित की जा रही है।

शहर में पहली बार ऐसी इकाई की स्थापना करने वाले वासुकी अय्यंगार के अनुसार शहर के कई मंदिरों को इस इकाई की स्थापना से मंदिर में संग्रहित तुलसी के पत्ते, फूल मालाएं जैसे निर्माल्य के निस्तारण से राहत मिल रही है। साथ में शहर के अधिकतर मंदिरों में प्रति दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं को पत्तों के दोने में प्रसाद वितरण किया जाता है। इससे भी कंपोस्ट खाद बनाई जा रही है। इस इकाई के लिए अधिक निवेश की जरूरत नहीं है केवल तीन लोग इसे चला सकते हैं। गत वर्ष इस इकाई में उत्पादित 3 टन कंपोस्ट खाद बेची गई है।

शहर में पहली बार कल्याणनगर में स्थित शक्ति महागणपति मंदिर के प्रसादी भवन (रसोई) में ऐसी कंपोस्ट खाद इकाई स्थापित की गई है। हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संवाद कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिंविग के संस्थापक रविशंकर गुरुजी ने इस योजना का जिक्र किया था। तब प्रधानमंत्री ने मंदिर के निर्माल्य से कांपोस्ट खाद निर्माण की सराहना करते हुए इसे अनुकरणीय पहल बताया था।


महिला मंडल राजराजेश्वरी नगर पुरस्कृत
बेंगलूरु. अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा चेन्नई में संपन्न वार्षिक अधिवेशन में तेरापंथ महिला मंडल राजराजेश्वरी नगर को 'एक नन्हा कदम स्वच्छता की ओर' अभियान के तहत सात सरकारी स्कूलों में किए गए श्रेष्ठ कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। अध्यक्ष कंचन छाजेड़, उपाध्यक्ष लता बाफना, मंत्री सरोज बैद, सहमंत्री मंजू बोथरा, कोषाध्यक्ष सुधा दुगड़ ने पुरस्कार ग्रहण किया। बहनों ने अगले अधिवेशन का आमंत्रण देने साध्वी कंचनप्रभा द्वारा रचित गीतिका प्रस्तुत की।