- छुट्टी नहीं मिली तो होगा नुकसान
कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (केएसओयू) से बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन) कर रहे कई छात्र इस बार परीक्षा देने की स्थिति में नहीं हैं। 2018-19 और 2021-22 के बीच पाठ्यक्रम में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए परीक्षाएं दो जून से शुरू होकर 13 जून को समाप्त होंगी। अधिकांश छात्र प्राथमिक या उच्च विद्यालयों के शिक्षक भी हैं। पदोन्नति या नौकरी नियमित करने के मद्देनजर वे बीएड कर रहे हैं।
सरकारी स्कूल 29 मई को फिर से खुल रहे हैं। ऐसे में बीएड के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने के लिए छुट्टी की जरूरत पड़ेगी, लेकिन स्कूल खुलते ही छुट्टी मिलने की उम्मीद कम है क्योंकि यह समय बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। बीएड के एक छात्र ने बताया कि आम तौर पर केएसओयू स्कूल की छुट्टियों के दौरान परीक्षा आयोजित करता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। दूसरी ओर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी चाहते हैं कि स्कूल खुलते ही स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक हों और पढ़ाई बाधित न हो। ऊपर से सरकारी स्कूलों में यह नए प्रवेश का समय है।
अध्ययन सामग्री नहीं मिलने का आरोप
सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे बीएड के एक अन्य छात्र ने कहा कि विश्वविद्यालय को स्कल की छुट्टी के दौरान परीक्षा आयोजित करनी चाहिए। वे दूसरे वर्ष में हैं और पहले वर्ष की परीक्षा अभी तक आयोजित नहीं की गई है। शिक्षक ने केएसओयू पर अब तक अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं कराने का आरोप भी लगाया।
परीक्षा कार्यक्रम पर टिप्पणी से इनकार
केएसओयू के कुलसचिव के. एल. एन. मूर्ति ने कहा कि अध्ययन सामग्री भेजने में देरी पर पर गौर करेंगे। हालांकि, उन्होंने परीक्षा कार्यक्रम पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।