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पेयजल समस्या हल करने के लिए बैराज, एनीकट का निर्माण

तालाब से अतिक्रमण हटाने का अभियान जल्दी शुरू होगा

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Cs puttaraju

पेयजल समस्या हल करने के लिए बैराज, एनीकट का निर्माण

बेंगलूरु. लघु सिंचाई मंत्री सी. एस. पुट्टराजु ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में पेयजल समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने 3 हजार करोड़ रुपए की लागत से प्रमुख नदियों पर बैराज व एनीकट बनाने की योजना बनाई है।

इसके लिए फंड उपलब्ध करवाने को मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के पास प्रस्ताव भेजा जाएगा। पुट्टराजु ने मंगलवार को यहां कहा कि पेयजल योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार से अनुदान मिलता है और इसका सदुपयोग कर इस योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।

हालांकि तालाबों के लिए विभाग को बजट में 2000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। लेकिन इस योजना के लिए मुख्यमंत्री से 3 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त आवंटन का अनुरोध किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य भर में 3600 तालाब उनके विभाग के अधीन आते हैं और इन्हें गहरा करने के लिए केरे संजीवनी योजना के तहत काम हो रहा है।

तालाबों से अतिक्रमण हटाने के सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। तालाबों की भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में सरकार के पास कोलीवाड़ व ए.टी रामास्वामी की रिपोर्ट पहले से हैं।

सरकारी विकास योजनाओं को छोड़कर अन्य प्रभावी लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण हर हाल में हटाए जाएंगे। जल्द ही तालाब अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पूर्व में विश्व बैंक की एक हजार करोड़ की सहायता से जल संवर्धन योजना के तहत तालाबों से गाद निकालने की योजना शुरू की गई थी।

इस धन का समुचित इस्तेमाल नहीं होने की शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों की जांच करने के बाद समुचित कदम उठाए जाएंगे।

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