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इंदिरा कैंटीन के निर्माण में भ्रष्टाचार : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी ने इंदिरा कैंटीन योजना में 65 करोड़ रुपयों का भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री

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Mukesh Kumar Sharma

Jul 21, 2017

bangalore

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बेंगलूरु।भारतीय जनता पार्टी ने इंदिरा कैंटीन योजना में 65 करोड़ रुपयों का भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री समेत चार के खिलाफ न्यायालय में फौजदारी मुकदमा दायर किया है। अदालत के आदेश के बाद विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गयास है। भाजपा बेंगलूरु महानगर इकाई के अध्यक्ष और पूर्व पार्षद एन.आर. रमेश ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इंदिरा कैंटीन योजना में 65 करोड़ रुपयों का भ्रष्टाचार हुआ है।

इसलिए मुख्यमंत्री, बेंगलूरु विकास मंत्री के.जे. जार्ज, शहरी विकास विभाग केअतिरिक्त मुख्य सचिव महेन्द्र जैन और पालिका के विशेष आयुक्त मनोज राजन के खिलाफ शहर के अतिरिक्त मेट्रोपालिटन मैजेस्ट्रेट न्यायालय में फौजदारी मुकदमा दायर किया है। 198 वार्डों में इंदिरा कंैटीन निर्मित करने के दौरान हर एक कैंटीन के निर्माण के नाम पर 39 लाख रुपए का धोखा किया गया है। हर एक वर्ग फीट में भवन निर्माण के काम पर दो लाख रुपयों का धोखा किया गया है। 27 रसोई घर और 198 कैंटीन के निर्माण में पर 65 करोड़ रुपयों का भ्रष्टाचार किया गया है। नियमों का उल्लंघन कर कैंटीन निर्माण की जिम्मेदारी तमिलनाडु की कृष्णगिरी जिले के केईएफ इन्फ्रास्ट्रक्चर संस्था को दी गई है। 100 करोड़ रुपए की यह योजना एक ही कंपनी को दी गई है। दीर्घावधि समय और एक तिहाई की राशि बचत करने के लिए फ्री-कास्ट प्रौद्योगिकी के भवन निर्माण की पद्धति का इस्तेमाल किया जा रहा है। 95 हजार रुपए में कैंटीन निर्मित की जा सकती है। इसके लिए 2.90 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बेंगलूरु में कई निजी कंपनियां अच्छी गुणवत्ता वाले फ्री-कास्ट पद्धति के भवन निर्मित कर रही हैं। सरकार ने इन कंपनियों को नजरअंदाज कर तमिलनाडु की कंपनी को जिम्मेदारी देकर भ्रष्टाचार किया है। इस संस्था को सहायता करने के उद्देश्य से 4जी के तहत कर रियायत दी गई है। जिससे 12 करोड़ रुपए का धोखा हुआ है। कैंटीन आरंभ करने के उददे्श्य से मंदिरों के परिसर, खेल मैदान और उद्यान में कैंटीन बनाई जा रही है। सरकार को कैंटीन निर्माण के मामले में श्वेत पत्र जारी करना होगा। येडियूर में केवल एक लाख रुपए में बेंगलूरु वन केन्द्र बनाया गया है।