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मां के शव के पास तीन दिन से बेहोश पड़ी मिली बेटी, इलाज के दौरान बेटी की भी मौत

2 वर्षीय मां जयंती शेट्टी की तीन दिन पहले मृत्यु हो गई थी, जबकि उनकी मानसिक रूप से बीमार 32 वर्षीय बेटी प्रगति शेट्टी अपनी मां के शव के पास बेहोश पड़ी थी। इस बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। जयंती शेट्टी को मधुमेह और रक्तचाप की समस्या थी। उनकी बेटी प्रगति भी मधुमेह से पीडि़त थीं।

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सांकेतिक एआई तस्‍वीर

दोनों मधुमेह की रोगी, बेटी थी मानसिक समस्या की शिकार

बेंगलूरु. एक महिला अपनी मां की मौत के बाद तीन दिन तक शव के साथ घर में अकेली पड़ी रही। पुलिस को जानकारी मिलने पर उसे घर से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया। यह हिला देने वाली घटना उडुपी जिले के कुंदापुर तालुक के गोपाडी गांव से सामने आई है।

62 वर्षीय मां जयंती शेट्टी की तीन दिन पहले मृत्यु हो गई थी, जबकि उनकी मानसिक रूप से बीमार 32 वर्षीय बेटी प्रगति शेट्टी अपनी मां के शव के पास बेहोश पड़ी थी। इस बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। जयंती शेट्टी को मधुमेह और रक्तचाप की समस्या थी। उनकी बेटी प्रगति भी मधुमेह से पीडि़त थीं। मधुमेह के कारण प्रगति की हालत काफी खराब हो चुकी थी, इसलिए हाल ही में उनका एक पैर काट दिया गया था।

गुरुवार देर रात घर से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को शक हुआ। बाद में जब उन्होंने उसके मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो कोई जवाब नहीं मिला। गोपडी ग्राम पंचायत के अध्यक्ष सुरेश शेट्टी को पड़ोसियों ने सूचित किया कि जयंती शेट्टी फोन कॉल का जवाब नहीं दे रही हैं।

जब पुलिस पहुंची और दरवाजा खोला गया तो जयंती का शव मिला और उसकी बेटी प्रगति बेहोश पड़ी हुई सांस ले रही थी। प्रगति शेट्टी को पीने के लिए पानी दिया गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उन्हें बचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद शनिवार को उनकी भी मौत हो गई। कुंदापुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी जयंती शेट्टी की मौत और प्रगति की पीड़ा से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।

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