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राजस्थान के स्कूल में सात बच्चों की मौत सरकार निर्मित त्रासदी : एआइडीएसओ

रखरखाव की कमी, खराब बुनियादी ढांचे और भारी वित्त पोषण की कमी ने इन संस्थानों को लाखों छात्रों के लिए मौत के जाल में बदल दिया है।

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-निष्पक्ष न्यायिक जांच और सजा की मांग

बेंगलूरु.

अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन All India Democratic Students Organisation (एआइडीएसओ) ने राजस्थान के झालावाड़ में मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी गांव में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार सुबह जर्जर कमरे की छत ढहने से मलबे में दबकर सात बच्चों की मौत Rajasthan School Children Death पर गहरा दु:ख और आक्रोश व्यक्त किया है। इस हृदय विदारक घटना को प्राकृतिक नहीं बल्कि सार्वजनिक शिक्षा के प्रति सरकार की लापरवाही से उत्पन्न मानव निर्मित त्रासदी बताया है।

एआइडीएसओ कर्नाटक Karnataka राज्य समिति के सचिव अजय कामत ने रविवार को कहा, यह सर्वविदित है कि देश भर में हजारों सरकारी स्कूल भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। रखरखाव की कमी, खराब बुनियादी ढांचे और भारी वित्त पोषण की कमी ने इन संस्थानों को लाखों छात्रों के लिए मौत के जाल में बदल दिया है।

हालांकि, अपनी विफलता स्वीकार करने और जिम्मेदारी लेने के बजाय, केंद्र सरकार ने स्कूलों को आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार रहने और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ समन्वय करने करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रतीत होता है जैसे इस त्रासदी में जान-माल का नुकसान एक अपरिहार्य प्राकृतिक घटना के कारण हुआ हो।

कामत ने कहा, जानबूझकर पीडि़तों, छात्रों, शिक्षकों और स्कूल अधिकारियों पर दोष मढऩे का प्रयास शर्मनाक और निंदनीय है। इस संकट की जड़ सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे के लिए धन की भारी कमी है।

एआइडीएसओ मांग करती है कि राजस्थान में स्कूल भवन ढहने की घटना की तत्काल निष्पक्ष न्यायिक जांच हो और जिम्मेदार लोगों की कड़ी सजा मिले। देश भर के सभी असुरक्षित सरकारी स्कूल भवनों का तत्काल निरीक्षण और मरम्मत हो। शिक्षा के लिए, विशेष रूप से सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए, धन में पर्याप्त वृद्धि की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को वापस लिया जाए और एक लोकतांत्रिक, वैज्ञानिक और जन-हितैषी शिक्षा नीति तैयार की जाए।