ऑटो चालकों ने राज्य सरकार से 30 हजार नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने की मांग की है।
बेंगलूरु. ऑटो चालकों ने राज्य सरकार से 30 हजार नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने की मांग की है। ऑटो यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने वर्ष २०११ से नए परमिट जारी नहीं किए हैं। जबकि बीएमटीसी बसों के बाद सबसे सस्ती तथा सुरक्षित सवारी ऑटो रिक्शा की होती है।
आदर्श ऑटो एवं टैक्सी ड्रायवर यूनियन के अध्यक्ष एम. मंजूनाथ ने बताया कि परिवहन विभाग ने वर्ष २०११ से ऑटो रिक्शा के लिए परमिट जारी नहीं किए हंै। परमिट मिलना आसान नहीं है। यदि किसी से परमिट किराए पर लेकर ऑटो चलाया भी जाए तो उसे एकमुश्त २५ से ३५ हजार रुपए देने होते हैं तथा पांच सौ रुपए प्रतिदिन परमिट का किराया देना होता है। मंजूनाथ ने कहा कि ऑटो खरीदने पर कम राशि खर्च होती है तथा आय का स्रोत बन जाता है लेकिन सरकार की नीतियों के चलते बेरोजगारों के सामने रोजगार का संकट है।
विरोध के बाद सरकार ने मार्च २०१८ में २५ हजार एलपीजी व सीएनजी और इलेक्ट्रिक रिक्शा के ५००० हजार परमिट जारी करने की स्वीकृति दी थी। लेकिन परिवहन विभाग ने अब तक इस संबध में कोई कार्रवाई नहीं की। इसेे लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। २९ अक्टूबर को होने वाली परिवहन अधिकारियों, यातायात पुलिस अधिकारियों की बैठक में ऑटो रिक्शा यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
विप के कार्यवाहक सभापति पर मंत्री रमेश जारकीहोली का निशाना
बेंगलूरु. नगर निकाय प्रशासन मंत्री रमेश जारकीहोली ने विधान परिषद के कार्यवाहक सभापति बसवराज होरट्टी पर निशाना साधते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रमेश जारकीहोली ने समाज कल्याण मंत्री प्रियांक खरगे को लिखे पत्र में धारवाड़ सार्वजनिक शिक्षा विभाग के आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर होरट्टी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्ट में आयुक्त ने बसवराज होरट्टी की ओर से सर्वोदय शिक्षा न्यास के लिए कर्मचारियों की नियुक्तियों में अनियमितताएं उजागर की है। मंत्री ने धारवाड़ जिला न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक सर्वोदय शिक्षा संस्थान को तुरंत श्री मठ के अधीन सौंपने की मांग की है। कि रमेश जारकीहोली के इस पत्र में उनके (कार्यवाहक सभापति के) लिए जिस ओछी स्तर की भाषा का प्रयोग किया गया है इस पर विप के कार्यवाहक सभापति बसवराज होरट्टी ने आपत्ति दर्ज की है।
इसके अलावा रमेश ने अजा, जजा वर्ग के कर्मचारियों को प्रोन्नति में आरक्षण सुनिश्चित कर हितों की रक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।