13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सभी जिला मुख्यालयों में धन्वंतरि वन जल्द : खंड्रे

कर्नाटक औषधीय पौधों के लिए उपजाऊ भूमि प्रदान करता है। कर्नाटक जैव विविधता बोर्ड मानवता की सेवा के लिए राज्य में औषधीय पौधों को रिकॉर्ड करने का एक अद्भुत काम कर रहा है।

less than 1 minute read
Google source verification

बेंगलूरु.

पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के विकास के लिए राज्य Karnataka सरकार के समर्थन को दोहराते हुए, वन मंत्री और बीदर के प्रभारी ईश्वर खंड्रे ने कहा है कि सभी जिला मुख्यालयों में औषधीय पौधों की नर्सरी धन्वंतरि वन Dhanvantri Forest और कर्नाटक परंपरागत वैद्य परिषद के लिए सामुदायिक हॉल बनाने के साथ-साथ हर जिले में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर सम्मेलन आयोजित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

रविवार को बीदर के बेलडेल कन्वेंशन हॉल में पारंपरिक चिकित्सा पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद वन मंत्री ने कहा, धन्वंतरि वन और परम्परागत वैद्य परिषद के लिए सामुदायिक हॉल स्थापित करने तथा हर जिले में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर सम्मेलन आयोजित करने की मांग की जा रही है। मैं वन अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के साथ इस मांग पर चर्चा करूंगा और उचित कदम उठाऊंगा।

पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को संरक्षित करने की आवश्यकता

उन्होंने कहा कि औषधीय प्रयोजनों के लिए पौधों का उपयोग करने की प्रथा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। हमें इस पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कर्नाटक औषधीय पौधों के लिए उपजाऊ भूमि प्रदान करता है। कर्नाटक जैव विविधता बोर्ड मानवता की सेवा के लिए राज्य में औषधीय पौधों को रिकॉर्ड करने का एक अद्भुत काम कर रहा है।

पर्यावरण संरक्षण सबकी जिम्मेदारी

मंत्री ने कहा, पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है और इसे हर रोज का काम होना चाहिए। वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के तहत पिछले दो वर्षों में नौ करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए हैं।