
स्कूल, कॉलेज की छात्राओं को अक्टूबर से मुफ्त सैनिटरी पैड का वितरण: स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा कि सरकार अक्टूबर से कर्नाटक भर के स्कूलों और कॉलेजों में नामांकित 10 से 18 वर्ष की आयु की लगभग 40 लाख छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड का वितरण फिर से शुरू करेगी।
उन्होंने सोमवार को मेंगलूरु में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्री-यूनिवर्सिटी के छात्रों को शुचि नन्ना मैत्री परियोजना के तहत मासिक धर्म कप के मुफ्त वितरण के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के बाद सभा में यह घोषणा की। पायलट प्रोजेक्ट दक्षिण कन्नड़ और चामराजनगर जिलों में चालू होगा। दोनों जिलों में 15,000 छात्रों को मासिक धर्म कप वितरित किए जाएंगे। दक्षिण कन्नड़ में छात्रों को 11,500 कप और चामराजनगर जिले में 3,500 कप दिए जाएंगे।
मासिक धर्म एक जैविक प्रक्रिया : मंत्री ने कहा कि लड़कियों को यह नहीं सोचना चाहिए कि मासिक धर्म अशुद्ध है। सभी महिलाओं को इस संकोच से बाहर आना चाहिए। मासिक धर्म एक जैविक प्रक्रिया है। कई महिलाएं मासिक धर्म के दौरान पूजा स्थलों पर नहीं जाती हैं। महिलाओं को खुद पर लगाए गए ऐसे प्रतिबंधों से बाहर आना चाहिए।
कप पर्यावरण के अनुकूल : शुचि नन्ना मैत्री परियोजना के राजदूत व अभिनेत्री सप्तमी गौड़ा ने कहा, कप पर्यावरण के अनुकूल मेडिकल ग्रेड सिलिकॉन सामग्री से बना है और आठ घंटे तक इसका उपयोग किया जा सकता है। पानी से धोकर इसे दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। मासिक धर्म कप से चकत्ते नहीं होते हैं। इसे दोबारा इस्तेमाल करना आसान होने के कारण महिलाएं सैनिटरी पैड के सुरक्षित निपटान की परेशानी से बच जाती हैं।
तीन वर्षों से बंद पड़ी थी योजना
मंत्री ने कहा कि शुचि योजना के तहत छात्राओं को सेनेटरी पैड का वितरण तीन साल पहले पिछली सरकार ने बंद कर दिया था। निविदा के लिए 10 आवेदनों के साथ वितरकों के चयन की बोली प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस योजना पर 20 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि मेंस्ट्रुअल कप के इस्तेमाल से पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
इससे पहले जुलाई 2022 में, एक पायलट प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में, सरकार ने चामराजनगर जिले के येलंदूर और दक्षिण कन्नड़ जिले के पुत्तूर में 17 वर्ष और उससे अधिक उम्र की 300 महिलाओं को मासिक धर्म कप वितरित किए थे।
किफायती भी : खादर
विधानसभा अध्यक्ष यू. टी. खादर ने कहा कि मासिक धर्म कप का उपयोग करने से अच्छी खासी धनराशि भी बचती है। अन्यथा सैनिटरी पैड की खरीद पर खर्च किया जाता है।
Published on:
17 Sept 2023 06:40 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
