
गांव-गांव रुकेंगे जिलाधिकारी, सीधे खाते में जाएगी पेंशन
बेंगलूरु. राजस्व मंत्री आर. अशोक ने कहा कि प्रशासन को जनता के द्वार पर ले जाने के वास्ते अगले पन्द्रह दिनों में जिलाधिकारियों के ग्राम प्रवास कार्यक्रम को शुुरू किया जाएगा।
अक्रम-सक्रम योजना के लाभार्थियों को हक पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अशोक ने कहा कि ग्रामीण जन के भूमि दस्तावेज संबंधी शिकायतों को दूर करने, विधवा, वृद्धावस्था पेंशन, विकलांगों के भत्तों के मसलों को लेकर ग्रामीण जन सरकारी दप्तरों के चक्कर काटते रहते हैं। इस पर रोक लगाने व ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के लिए जिलाधिकारियों के लिए हर माह क्षेत्र के एक गांव में जाने व दिन भर वहां रहकर लोगों की समस्याओं को हल करने का कार्यक्रम शुुरू किया जा रहा है।
इससे लोगों को जिलाधिकारी के कार्यलय पर अर्जियां लेकर भटकने की जरुरत नहीं होगी। जिलाधिकारी, तहसीलदार व उपखंड अधिकारी लोगों के घर जाकर समस्याएं हल करेंगे।
सीधे खातों में जाएगी वृद्धावस्था पेंशन
उन्होंने कहा कि भविष्य में लोगों के वृद्धावस्था पेंशन के लिए अर्जियां दायर करने की जरुरत नहीं पड़ेगी क्योंकि राज्य सरकार आधार कार्ड के माध्यम से वृद्धजन के खातों में सीधे पेंशन जमा करवाने की व्यवस्था लागू करने जा रही है। वृद्धावस्था पेंशन को आधार लिंक करने से बोगस लाभार्थियों का पता चल सकेगा और इससे सरकार को सालाना 700 से 800 करोड़ रुपए की बचत होगी।
Published on:
29 Jan 2020 05:03 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
