
रात्रि जागरण करते हैं पर गलत जगह-आचार्य महेन्द्रसागर
बेंगलूरु. महावीर स्वामी जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ त्यागराज नगर में विराजित आचार्य महेंद्र सागर सूरी ने बुधवार को आयोजित धर्मसभा में कहा कि तीर्थंकर भगवान के कल्याणक दिवस पर अथवा किसी महापुरुष के जन्मदिन या पुण्यतिथि और आगम ग्रंथों का बहुमान करने के लिए रात्रि जागरण किया जाता है। इस बहाने सकल संघ का भी घर में पदार्पण होता है। आज रात्रि जागरण तो करते हैं पर गलत जगह। आजकल घर में घर-घर में रात्रि जागरण होने लगा है पर वह तारक तत्वों के निमित्त नहीं। ईडियट बॉक्स टीवी के सामने, मोबाइल के साथ इससे हमारे समय, स्वास्थ्य, संपत्ति, संस्कार और सद्गति का नाश होता है। बच्चों पर इसके ढेरों कुप्रभाव पड़ते हैं। क्योंकि बच्चे जो देखते हैं वही सीखते हैं। वह समय से पहले ही विकसित हो जाते हैं। समय से पहले परिपक्वता भी खतरनाक है। इसकी जगह अगर परिवार गोष्ठियों का आयोजन किया जाए तो परिवारों में संवादिता, संघ, स्नेह बढ़ेगा और परिवार टूटने से बचेंगे अथवा धर्म आराधना का मार्ग अपनाकर रात्रि जागरण करेंगे तो आत्म कल्याण होगा।
Published on:
02 Dec 2021 07:46 am
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