अक्कीपेट में प्रवचन
बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, अक्कीपेट के तत्वावधान में अक्कीपेट स्थानक में विराजित साध्वी डॉ प्रतिभाश्री ने प्रवचन में कहा कि संसारी जीवन एक तीन घंटे के चलचित्र की तरह है। व्यक्ति जन्म लेता है अपने तरह-तरह के रोल निभाता है और दुनिया से चला जाता है। परमात्मा महावीर स्वामी ने गौतम स्वामी को बार-बार कहा , गौतम क्षण मात्र का भी प्रमाद मत करो । जो तुम्हें समय मिला है वह यूं ही व्यतीत हो जाएगा । जन्म सभी लेते हैं मरण भी सभी को प्राप्त करना पड़ता है। लेकिन, थावच्चा पुत्र जैसे शूरवीर होते हैं जो वैराग्य को प्राप्त कर दीक्षा ग्रहण कर लेते हैं। व्यक्ति कब जन्म प्राप्त करता है और कब दुनिया से चला जाता है, यह हमें पता ही नहीं चलता ।
यह थोड़ा सा समय हमें मिला है उसे हमें व्यर्थ नहीं गंवाना है। इंद्रियों को वश में नहीं रखने के कारण कितने ही कर्मों का बंध कर देते हैं। अज्ञान अवस्था में व्यक्ति कितने ही पापों का बंध कर देता है। हमें कर्मों का बंध करने से डरना चाहिए।
इससे पूर्व साध्वी प्रियांगीश्री ने कहा कि मनुष्य भव हीरे के समान है। उसे यूं ही व्यर्थ नहीं गंवाना है।
साध्वी ऋषिताश्री ने चातुर्मास संबंधी सूचनाएं दीं। सहमंत्री विनोद भूरट ने संचालन किया।