
शिक्षा व्यक्तित्व के विकास में सहायक बने : हेगड़े
जिस देश के पास स्वयं की शिक्षा प्रणाली नहीं है ऐसे देश का विकास होना असंभव है
बेंगलूरु. पश्चिमी सिद्धांतों पर आधारित वर्तमान शिक्षा प्रणाली में कई खामियां है। ऐसी शिक्षा की व्यक्तित्व विकास मे कोई भूमिका नहीं है। इस प्रणाली में सभी विद्यार्थियों के लिए एक ही पाठ्यक्रम निर्धारित होता है। ऐसी औपचारिक शिक्षा से विद्यार्थियों का समग्र विकास संभव नहीं है। केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगडे ने यह बात कही।
शनिवार को शहर में सार्वजनिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा प्रणाली से केवल क्लर्क पैदा हो रहे हैं। इस शिक्षा में नवाचार तथा नवोन्मेष के लिए कोई स्थान नहीं है। शिक्षा तथा जीवन का परस्पर संबंध होना चाहिए लेकिन मौजूदा शिक्षा प्रणाली का व्यक्ति के जीवन के साथ कोई संबंध ही नहीं है।
इसलिए इस प्रणाली में व्यापक फेरबदल लाने होंगे। वर्तमान में विद्यार्थी को जिस क्षेत्र में रूची है ऐसी ऐसी शिक्षा प्राप्त करने का कोई विकल्प हमारे पास नहीं है। अभी हम विद्यार्थियों को केवल स्पून फिडिंग जैसी शिक्षा प्रदान कर रहें है। जिसके कारण देश में मांग के अनुपात में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध नहीं हो रहें है। जिस देश के पास स्वयं की शिक्षा प्रणाली नहीं है ऐसे देश का विकास होना असंभव है। कार्यक्रम में प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षा मंत्री एन.महेश, सार्वजनिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव डॉ शालिनी रजनीश तथा डॉ पी.सी.जाफर ने भाग लिया।
340 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
बेंगलूरु. अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने शनिवार को अपना छठा दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर शिक्षा, विकास, लॉ एवं विकास व सार्वजनिक नीति और शासन सहित अन्य संकायों के 340 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। कुलपति अनुराग बी. ने कहा, विवि सामाजिक क्षेत्र के लिए सक्षम पेशेवर तैयार करने व व्यापक वित्तीय और व्यक्तिगत समर्थन से वंचित पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को भी समान अवसर प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्ध है।
Published on:
26 Aug 2018 08:50 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
