- अन्य मजदूरों ने भागकर बचाई जान
चिकमगलूरु जिले के हेदादालु के पास बुधवार को एक जंगली हाथी ने 29 वर्षीय महिला को कुचल कर मार दिया। मीना नामक यह महिला कॉफी एस्टेट में काम करती थी। घटना के वक्त मीना और उसके साथी कर्मचारी कॉफी एस्टेट जा रहे थे। वहां पहुंचते हुए उनका सामना एक wild elephanr से हुआ। हाथी ने हमला कर दिया। अन्य कर्मचारी भागने में सफल रहे, लेकिन मीना हाथी के हमले का शिकार हो गई। गंभीर चोट के कारण उसकी मौत हो गई।
शव के साथ प्रदर्शन
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उसके शव के साथ विरोध प्रदर्शन किया और विधायक के मौके पर नहीं आने तक शव को पोस्टमार्टम के लिए अधिकारियों को सौंपने से इनकार कर दिया। लोगों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के पास एकत्र हो गए और शृंगेरी और चिकमगलूरु को जोडऩे वाले राजमार्ग को लगभग एक घंटे तक अवरुद्ध कर दिया।
खदेड़ने के प्रयास जारी
पांच जंगली हाथियों का एक झुंड हाल ही में हासन जिले के सकलेशपुर से इस क्षेत्र में आया था और बाद में, दो और हाथी झुंड में शामिल हो गए थे।
इनमें से एक हाथी ने मीना की जान ले ली। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने बताया कि इन हाथियों मुतोडी वन रेंज में खदेड़ने के प्रयास जारी हैं। वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री ने मुआवजे का किया ऐलान
मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने मीना की मौत पर शोक व्यक्त किया और अधिकारियों को तुरंत मीना के परिवार को 15 लाख रुपए का मुआवजा चेक जारी करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री, डी.बी. चंद्रे गौड़ा के अंतिम संस्कार में शामिल होने बजिले के मुदिगेरे में थे।
उन्होंने मुदिगेरे में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को हाथियों को वापस जंगल में भेजने के लिए तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों से फोन पर बात की और उन्हें बताया कि हाथियों के हमलों को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।