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मछुआरों और किसानों को नदी में प्रवेश नहीं करने की चेतावनी

कृष्णा और उसकी सहायक नदियों में छोड़ा जाने वाला औसत पानी 91,000 क्यूसेक (8.25 टीएमसीएफटी) को पार कर गया है। इस पानी के मंगलवार तक अलमट्टी में लाल बहादुर शास्त्री जलाशय तक पहुंचने की उम्मीद है।

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-कृष्णा नदी में जलस्तर बढ़ा

पड़ोसी महाराष्ट्र Maharashtra के जलाशयों से सोमवार को पानी छोड़े जाने के कारण कृष्णा नदी Krishna River और उसकी सहायक नदियों में जल स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। कर्नाटक Karnataka सरकार ने मछुआरों और किसानों को चेतावनी जारी की है कि वे नदी में प्रवेश न करें।

कृष्णा और उसकी सहायक नदियों में छोड़ा जाने वाला औसत पानी 91,000 क्यूसेक (8.25 टीएमसीएफटी) को पार कर गया है। इस पानी के मंगलवार तक अलमट्टी में लाल बहादुर शास्त्री जलाशय तक पहुंचने की उम्मीद है।

जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा तथा कृष्णा नदी (कल्लोल बैराज) और घाटप्रभा नदी (लोलासुर पुल) से डिस्चार्ज को देखते हुए, अलमट्टी बांध में जलप्रवाह बढऩे की संभावना है। इसलिए, सोमवार सुबह 11 बजे नदी में जलप्रवाह वर्तमान 50,000 क्यूसेक से धीरे-धीरे बढ़ाकर 70,000 क्यूसेक कर दिया गया।अपस्ट्रीम कैचमेंट एरिया में बारिश और अलमट्टी बांध से डिस्चार्ज को देखते हुए, नारायणपुर बांध में इनफ्लो करीब 70,000 क्यूसेक बढऩे की संभावना है। इसलिए सोमवार दोपहर 3 बजे से नदी में आउटफ्लो धीरे-धीरे 42,820 क्यूसेक से बढ़ाकर 70,000 क्यूसेक कर दिया गया।

राजस्व विभाग, जिला पंचायत और शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारियों को निचले इलाकों के गांवों और कस्बों के निवासियों को सतर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।अलमट्टी बांध में औसत इनफ्लो करीब 98,611 क्यूसेक या करीब 8.9 टीएमसीएफटी था और आउटफ्लो करीब 50,440 क्यूसेक या 4.5 टीएमसीएफटी था। बांध में 123 टीएमसीएफटी की क्षमता के मुकाबले करीब 75 टीएमसीएफटी पानी है।