
डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विश्वनाथ ने कहा कि वनों पर संपूर्ण अधिकार आदिवासी समुदायों के पास होने चाहिए।
वे मैसूरु के बोगाड़ी स्थित कर्नाटक राज्य आदिवासी अनुसंधान संस्थान (केएसटीआरआइ) में आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'कर्नाटक आदिवासी समुदायों की पारंपरिक प्रथाएं' के उद्घाटन के बाद संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों की विरासत और पारंपरिक प्रथाएं ही उनकी पहचान का आधार हैं। विभिन्न आदिवासी समूहों की धार्मिक प्रथाओं में भिन्नता के कारण आदिवासी संस्कृति को हाशिये पर धकेलने की कोशिशें की जा रही हैं। देशभर में आदिवासी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रामाणिक दस्तावजीकरण बहुत कम है।
Updated on:
17 Nov 2025 04:20 pm
Published on:
17 Nov 2025 04:20 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
