26 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

वन अधिकार पूरी तरह आदिवासियों के पास होने चाहिए: प्रो. विश्वनाथ

देशभर में आदिवासी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रामाणिक दस्तावजीकरण बहुत कम है।
less than 1 minute read
Google source verification

डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विश्वनाथ ने कहा कि वनों पर संपूर्ण अधिकार आदिवासी समुदायों के पास होने चाहिए।

वे मैसूरु के बोगाड़ी स्थित कर्नाटक राज्य आदिवासी अनुसंधान संस्थान (केएसटीआरआइ) में आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'कर्नाटक आदिवासी समुदायों की पारंपरिक प्रथाएं' के उद्घाटन के बाद संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों की विरासत और पारंपरिक प्रथाएं ही उनकी पहचान का आधार हैं। विभिन्न आदिवासी समूहों की धार्मिक प्रथाओं में भिन्नता के कारण आदिवासी संस्कृति को हाशिये पर धकेलने की कोशिशें की जा रही हैं। देशभर में आदिवासी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रामाणिक दस्तावजीकरण बहुत कम है।