
अंतरिक्ष प्रदर्शनी में गगनयान आकर्षण का केंद्र
बेंगलूरु. भारतीय अंतरिक्ष इकोसिस्टम में गतिशिलता लाने पर जोर देते हुए छठे बेंगलूरु अंतरिक्ष प्रदर्शनी का उद्घाटन यहां गुरुवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अध्यक्ष के.शिवन ने किया। इसका आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने इसरो और उसकी वाणिज्यिक इकाई अंतरिक्ष लिमिटेड के सहयोग से किया है। अंतरिक्ष, उपग्रह और रॉकेट पर एशिया के इस सबसे बड़े प्रदर्शनी में 700 से अधिक प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं। इस बार इस प्रदर्शनी के जरिए इसरो अंतरिक्ष कार्यक्रमों में निजी क्षेत्रों को बढ़ावा देकर बराबर का भागीदार बनाने की कोशिश कर रहा है। के. शिवन ने कहा कि अकादमी और उद्योग इसरो के दो मुख्य स्तंभ है। निजी क्षेत्र अब इसरो के लिए वेंडर नहीं पार्टनर बनेंगे।
मानव मिशन से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन
हालांकि, इस प्रदर्शनी में कई पैवेलियन लगे हैं लेकिन मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान पैवेलियन विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस पैवेलियन में इसरो ने मानव मिशन के लिए विकसित तकनीकों में से कुछ तकनीकों को प्रदर्शित किया है। इसमें उस मानव रहित क्रू मॉड्यूल (केयर) को भी रखा गया है जिसे इसरो ने वर्ष 2014 में अंतरिक्ष में भेजकर बंगाल की खाड़ी में उतार लिया था। इसके अलावा हाल ही में जिस क्रू एस्केप सिस्टम का परीक्षण इसरो ने किया था उसे भी इस पैवेलियन में प्रदर्शित किया है। अंतरिक्ष यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्री जिस सीट में रहेंगे उसका इंजीनियरिंग मॉड्यूल भी इसरो ने तैयार किया है जिसे इस पैवे लियन में रखा गया है। इसरो ने एक मॉड्यूल को इसमें प्रदर्शन के लिए रखा है। अंतरिक्ष यात्रा के दौरान बाहर की ओर से देखने के लिए जिस तरह के उपकरण चाहिए उसे भी यहां रखा गया है। वहीं अंतरिक्ष यात्रियों की बचाव प्रणाली और भी कई अन्य तैयार तकनीकों को इसरो ने प्रदर्शित किया है। हालांकि, अभी मानव मिशन के लिए कई आवश्यक तकनीकों का विकास किया जाना है लेकिन गगनयान पैवेलियन इस प्रदर्शनी में पहुंचने वालों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
स्पेस फूड भी है प्रदर्शनी में
जहां इसरो का गगनयान चर्चा का विषय है वहीं एक रूसी कंपनी ने अंतरिक्ष खाद्यान्न (स्पेस फूड) का स्टॉल लगाया है जहां काफी भीड़ थी। अंतरिक्ष यात्रियों के लिए विशेष प्रकार का भोज्य पदार्थ तैयार करना पड़ता है। मानव मिशन को ध्यान में रखते हुए स्पेस फूड भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। प्रदर्शनी में इसरो ने नव विकसित क्रायोजेनिक इंजन सीई-20 का मॉडल भी है जिसमें छात्रों की विशेष रुचि थी।
Updated on:
06 Sept 2018 08:50 pm
Published on:
06 Sept 2018 08:09 pm
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