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सरकार ‘समृद्धि’ योजना से बढ़ाएगी युवाओं की उद्यमिता

उद्यम विकास एवं कौशल प्रशिक्षण मुहैया कराएगी सरकार

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सरकार 'समृद्धि' योजना से बढ़ाएगी युवाओं की उद्यमिता

निजी कंपनियों के साथ मिलकर उद्यम विकास एवं कौशल प्रशिक्षण मुहैया कराएगी सरकार
बेंगलूरु. अनुसचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के युवओं को रोजगार तथा कौशल विकास का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए मंगलवार को सामाजिक कल्याण मंत्री प्रियांक खरगे ने 'समृद्धिÓ योजना की शुरुआत की।
ग्रामीण रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से एससी-एसटी समुदाय के युवाओं का सशक्तिकरण करने के लिए राज्य सरकार निजी कंपनियों साथ भागीदारी करेगी। उन्होंने कहा कि 800 करोड़ रुपए की इस योजना के जरिए प्रदेश के 10,600 लाभार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।निजी कंपनियों और निगमित क्षेत्र के साथ अनुबंध किया गया है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक दुग्ध संघ सहित 60 से अधिक निजी कंपनियों से चर्चा कर पहले चरण में 30 कंपनियों के साथ करार किया गया। शीघ्र ही दूसरे चरण मेंं 30 अन्य कंपनियों को जोड़ा जाएगा। इन कंपनियों की शाखा अथवा आउटलेट स्थापना के साथ ही अजा-जजा वर्ग को रोजगार उपलब्ध करवाए जाएंगे। लाभार्थी को प्रशिक्षण देकर प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
इस तरह के लाभार्थियों को 10 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। इससे संबंधित क्षेत्र कोई भी कारोबार आरंभ किया जा सकता है। हर जिले में प्रशिक्षण की सुविधा होगी।
7 नवम्बर से कल्याण केन्द्र की वेबसाइट पर आवेदन पत्र उपलब्ध होंगे। उसे सभी विवरण के साथ दाखिल करने के लिए एक माह का समय दिया जाएगा। इस साल कम से कम 10 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।लाभार्थी की शैक्षणिक योग्यता कम से कम एसएसएलसी उत्तीर्ण होनी चाहिए और उम्र 21 साल से 50 साल के बीच होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि योजना के साथ डॉ. बी.आर. आंबेडकर विकास निगम, कर्नाटक आदिजांबवा विकास निगम, कर्नाटक तांडा विकास निगम, कर्नाटक सफाई कर्मचारी विकास निगम, कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि जनजाति विकास निगम के लोक कल्याणकारी कार्यक्रम भी जारी रहेंगे।