चुनावी कदाचार मामले के दौरान लोकसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी।
बैंग्लूरु. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पूर्व प्रधान मंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोत्र प्रज्वल रेवन्ना को हसन संसदीय क्षेत्र से चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। जनता दल (सेक्युलर) के नेता को न्यायालय ने चुनावी कदाचार का दोषी पाया है। यह निर्णय न्यायमूर्ति के नटराजन ने मतदाता जी देवराज गौड़ा और जद (एस) की नेता ए मंजू द्वारा दायर याचिकाओं के पक्ष में सुनाया। प्रज्वल रेवन्ना की मुकदमे के दौरान लोकसभा सदस्यता भी चली गई थी।
सूत्रों के अनुसार मंजू और देवराज गौड़ा ने आरोप लगाया था कि प्रज्वल ने जानबूझकर अपने चुनावी हलफनामे में महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई है। खासकर स्वामित्व वाली संपत्तियों की संख्या छिपाई है। चुनाव के समय भ्रष्ट आचरण करने के लिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत शिकायत में प्रज्वल के पिता एचडी रेवन्ना और भाई सूरज रेवन्ना का नाम भी शामिल है।
वहीं ए मंजू का भी नाम भी भ्रष्ट आचरण में शामिल है। उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग को चुनावी कदाचार के लिए एचडी रेवन्ना और सूरज रेवन्ना के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। वहीं प्रज्वल का कहना कि उन्हें अभी तक आदेश की प्रति नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि मैं अपने वकीलों के साथ आगे के कदमों पर चर्चा करूंगा। एचडी रेवन्ना ने कहा कि वे अदालत के आदेश का पालन करेंगे और फैसला पढऩे के बाद आगे बयान देंगे। उनके वकील आगे की कार्रवाई तय करेंगे।