
गुरु आज्ञा सर्वोपरि-मुनि अर्हतकुमार
बेंगलूरु. मुनि अर्हतकुमार के सान्निध्य में गांधीनगर तेरापंथ भवन बेंगलूरु में ज्ञानशाला छात्रा मुमुक्षु सोनल पीपाड़ा का मंगल भावना समारोह आयोजित किया गया। भंवरलाल पीपाड़ा की पौत्री व महावीर पीपाड़ा की पुत्री पारमार्थिक संस्था में प्रवेश करने जा रही है। मुनि ने कहा मधुर कंठी सोनल पीपाड़ा धर्म संघ में गीतों के द्वारा सुंदर प्रस्तुति देती रही है। वह वैराग्य के पथ पर चलने को अग्रसर है आत्महित की दिशा में प्रस्थान कर रही है। राग से विराग की ओर बढ़ रही है। गुरु चरणों में समर्पित होने जा रही मुमुक्षु को उन्होंने चार बातों का ध्यान रखने का उपदेश दिया। गुरु आज्ञा सर्वोपरि है। गुरु दृष्टि की आराधना में आगे बढऩा। हमारा धर्म संघ मर्यादित धर्मसंघ है। तुम अपना व अपने कुल का नाम उजागर करना। विनय भाव रखते हुए छोटो कि बड़ों की सेवा में तत्पर रहना। सहयोगी मुनि भरत कुमार व बाल संत जयदीप कुमार ने मुमुक्षु सोनल के भावी जीवन के प्रति मंगल कामना की। मुमुक्षु सोनल ने अपनी भावना को व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार के संस्कार और ज्ञानशाला की दी गई शिक्षा उसे वैराग्य की ओर बढऩे में सहयोगी रही। समय-समय पर साधु-संतों के साथ संपर्क शासन माता की प्रेरणा गुरुदेव की कृपा दृष्टि ने उनके संयम पथ की और प्रशस्त किया और आज अवसर आया है यह द्वार मेरे लिए खुल गया है। इस अवसर पर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष कमल दुग्गड़, मंत्री गौतम मांडोत, युवक परिषद अध्यक्ष प्रदीप चोपड़ा, ज्ञानशाला प्रशिक्षक जुगराज श्रीश्रीमाल, संस्थाओं के सभी पदाधिकारी महिला मंडल अध्यक्ष स्वर्णमाला पोखरना, मंत्री सरस्वती बाफना ने मुमुक्षु सोनल को शुभकामना संप्रेषित की। सभा द्वारा अभिनंदन पत्र प्रदान किया गया। आभार गौतम डोसी ने जताया।
Published on:
26 Jul 2022 07:46 am
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