
तेजस के एफओसी में देर हुई तो एचएएल को रोकना पड़ेगा उत्पादन
अब जून 2019 तक अंतिम परिचालन मंजूरी मिलने की उम्मीद
बेंगलूरु. स्वदेशी तकनीक से तैयार हल्के लड़ाकू विमान (तेजस) के अंतिम परिचालन मंजूरी (एफओसी) की प्रतीक्षा वायुसेना के साथ-साथ हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को भी है। जहां वायुसेना अपनी घटती स्क्वाड्रन क्षमता को मजबूती प्रदान करने के लिए तेजस के एफओसी का इंतजार कर रही है वहीं एचएएल को एयरक्राफ्ट डिविजन में उत्पादन जारी रखने के लिए इसकी आवश्यकता है। एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर.माधवन ने कहा कि अगर समय पर तेजस को एफओसी नहीं मिलता है तो संभव है कि एयरक्राफ्ट डिविजन में कुछ दिनों के लिए उत्पादन रोकना पड़े।
दरअसल, एचएएल के पास वायुसेना के लिए 40 तेजस उत्पादित करने का आर्डर है जिसमें से 16 तेजस प्रारंभिक परिचालन मंजूरी (आईओसी) स्तर के सौंपने हैं। एचएएल ने आईओसी स्तर के 10 तेजस विमान वायुसेना को सौंप दिए हंै जबकि शेष 6 तेजस मार्च 2019 तक सौंप दिए जाएंगे। इसके बाद एफओसी स्तर के तेजस का उत्पादन शुरू करने की योजना है। माधवन ने बताया कि पहले जो करार हुआ था उसके मुताबिक आईओसी स्तर के 20 तेजस तैयार किए जाने थे जिसमें से 4 ट्रेनर एयरक्राफ्ट तैयार करना था। शेष 20 तेजस एफओसी स्तर के तैयार किए जाने थे और उसमें से भी 4 ट्रेनर एयरक्राफ्ट तैयार किया जाना था। लेकिन, अब इसमें थोड़ा बदलाव किया गया है। अब सिर्फ 16 तेजस ही आईओसी स्तर के और 16 तेजस एफओसी स्तर के तैयार किए जाएंगे जबकि शेष 8 ट्रेनर एयरक्राफ्ट एफओसी स्तर के ही होंगे। उन्होंने कहा कि एचएएल के पास आईओसी स्तर के सिर्फ 6 तेजस और तैयार करने हैं जो मार्च 2019 तक हो जाएगा। अगर दिसम्बर में तेजस को एफओसी मिल जाता है तो उत्पादन सामान्य रूप से चलता रहेगा और एयरक्राफ्ट डिविजन को बैठना नहीं पड़ेगा। लेकिन, अगर दिसम्बर में एफओसी नहीं मिलता है तो एयरक्राफ्ट डिविजन को बैठना पड़ सकता है। लेकिन, एचएएल चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक शेष तेजस का उत्पादन करने के अलावा 4 अन्य तेजस विमानों के ढांचे तैयार करके रखेगी ताकि जब एफओसी मिल जाएगा तो उसे जल्दी तैयार करने में मदद मिलेगी। हालांकि,जो परिस्थितियां है उस हिसाब से एचएएल के एयरक्राफ्ट डिविजन में कुछ दिनों तक उत्पादन ठप हो सकता है।
दरअसल, तेजस को दिसम्बर 2018 तक एफओसी मिलना संभव नहीं लग रहा। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक तेजस का विकास करने वाली वैमानिकी विकास एजेंसी (एडीए) अब जून 2019 में तेजस के लिए अंतिम परिचालन मंजूरी हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। हालांकि, तेजस के हवा में उड़ान भरते समय ईंधन भरने (मिड-एयर-रिफ्यूलिंग) का परीक्षण हो चुका है लेकिन अभी भी चार पेंडिंग प्वाइंट्स हैं जिसके पूरा होने के बाद ही विमान एफओसी हासिल कर पाएगा।
Published on:
04 Nov 2018 09:13 pm
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