- नवाचार और प्रौद्योगिकी की भूमि होने के नाते Karnataka इस मील के पत्थर को हासिल कर सकता है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को उन्नत करने के लिए धन जुटाने में सक्षम बनाएगी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा कि उनका लक्ष्य कर्नाटक को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य बनाना है, जिसे अन्य राज्य भी दोहरा सकें। नवाचार और प्रौद्योगिकी की भूमि होने के नाते कर्नाटक इस मील के पत्थर को हासिल कर सकता है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को उन्नत करने के लिए धन जुटाने में सक्षम बनाएगी। नवीन तकनीकों और आधुनिक प्रथाओं का पता लगाने में भी मदद करेगी।
वे बुधवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं सेलुलर और आणविक प्लेटफार्मों के लिए केंद्र (सी-कैंप) की साझेदारी में आयोजित एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि Health Care किसी भी सरकार की सफलता के सबसे महत्वपूर्ण सूचकों में से एक है। अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवा वितरण में चुनौतियां हैं। सरकार विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों, तपेदिक, नेत्र स्वास्थ्य आदि में इन चुनौतियों के समाधान के लिए सी-कैंप जैसे साझेदार लेकर आई है।
सी-कैंप के निदेशक डॉ. तसलीम आरिफ सैय्यद ने कहा, हमारा उद्देश्य कर्नाटक सरकार, सी-कैंप, सीएसआर और परोपकारी संगठनों के बीच साझेदारी को सुविधाजनक बनाकर कर्नाटक से उभरने वाले अभिनव, स्वदेशी स्वास्थ्य समाधानों की तैनाती के लिए अगले 3-5 वर्षों के लिए एक रोडमैप पर काम करना है।