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मुडा मामले की जांच को चुनौती देने वाली सिद्धरामय्या की याचिका पर सुनवाई 22 मार्च तक स्थगित

कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और मैसूरु के एक पूर्व भूस्वामी की एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई 22 मार्च तक स्थगित कर दी, जिसमें सीएम की पत्नी को 14 प्लॉट के आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच की सुविधा दी गई थी।

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CM Siddaramaiah

CM Siddaramaiah

बेंगलूरु. कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और मैसूरु के एक पूर्व भूस्वामी की एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई 22 मार्च तक स्थगित कर दी, जिसमें सीएम की पत्नी को 14 प्लॉट के आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच की सुविधा दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश एन.वी. अंजारिया और न्यायाधीश एम.आई .अरुण की एक पीठ ने सिद्धरामय्या के वकील के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी की उपस्थिति की सुविधा के लिए समय मांगे जाने के बाद मामले को स्थगित कर दिया।

हालांकि, उच्च न्यायालय ने आरटीआई कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा की एकल न्यायाधीश के समक्ष दायर याचिका में कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें 2021 से कथित मुडा भूमि घोटाले मामले में सिद्धरामय्या के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की गई थी। सिद्धरामय्या और एक पूर्व भूस्वामी जे. देवराजू ने न्यायाधीश एम. नागप्रसन्ना के 24 सितंबर, 2024 केे आदेश को चुनौती दी है, जिसमें मुडा मामले में जांच की अनुमति दी गई है।

लोकायुक्त पुलिस ने जांच प्रगति रिपोर्ट सौंपी

बेंगलूरु. मैसूरु लोकायुक्त पुलिस ने राज्य की राजनीति में भूचाल लाने वाले मुडा घोटाले में शनिवार को बेंगलूरु की विशेष अदालत में जांच प्रगति रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने घोटाले से जुड़ी रिपोर्ट सौंपने के लिए 27 जनवरी तक की डेडलाइन दी थी। लेकिन 27 जनवरी को होने वाली कोर्ट की सुनवाई से पहले शनिवार को रिपोर्ट सौंपी गई।

मैसरु लोकायुक्त के अधिकारियों ने रिपोर्ट के बारे में कोई भी विवरण देने से इनकार कर दिया। हालांकि, यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है, यह केवल अब तक की जांच प्रगति के बारे में है। सूत्रों ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट पेश करने के लिए लोकायुक्त से अधिक समय मांगे जाने की संभावना है।

लोकायुक्त के अनुसार शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस के नेतृत्व में दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियोंं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनीष खरबिकर और पुलिस महानिरीक्षक ए. सुब्रमण्येश्वर राव ने रिपोर्ट की समीक्षा की।आरटीआई कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा की शिकायत पर बेंगलूरु की एक विशेष अदालत ने 25 सितंबर को मैसूरु लोकायुक्त पुलिस को जांच करने का निर्देश दिया था।

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