
गृह आरोग्य योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी गृह आरोग्य योजना के जनवरी से शुरू होने की संभावना है। हालांकि, यह योजना मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार कर रही है। एक बार योजना स्वीकृत हो जाने के बाद, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग राज्य के 69.15 करोड़ रुपए के अनुदान और 15वें वित्त आयोग के 13.27 करोड़ रुपए के अनुदान से आवश्यक दवा और परीक्षण उपकरण खरीदेगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने बताया कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप अधिकांश बीमारियों का कारण है। इन दोनों की पहचान व उचित उपचार जरूरी है। इसी लक्ष्य के साथ बेंगलूरु डिवीजन में रामनगर और तुमकुरु, बेलगावी डिवीजन में बेलगावी और गदग, कलबुर्गी डिवीजन में बल्लारी और यादगीर, मैसूरु डिवीजन में दक्षिण कन्नड़ और मैसूरु से गृह आरोग्य की शुरुआत होगी। आने वाले वर्षों में इसे पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा। बाद में ओरल, स्तन व सर्वाइकल कैंसर को इसके अंतर्गत लाने की योजना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने अक्टूबर में गृह आरोग्य योजना की घोषणा की थी। राज्य सरकार ने प्रारंभिक चरण में बीमारियों की पहचान करने के लिए राज्य भर में घर-घर स्वास्थ्य सर्वेक्षण करने की योजना बनाई है। सरकार का उद्देश्य लोगों में जागरूकता पैदा करके बीमारियों की रोकथाम करना है। गृह आरोग्य कार्यक्रम के तहत राज्य भर में घर-घर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जाएगा। रक्तचाप और मधुमेह प्रमुख स्वास्थ्य समस्याएं हैं। इन स्वास्थ्य समस्याओं की शीघ्र पहचान करने से उनका प्रभावी ढंग से इलाज करने में मदद मिलेगी। दवा और उपचार नि:शुल्क होगा।
एनएचएम करेेेगा वित्त पोषित
राज्य स्तर पर एनएचएम अभियान निदेशक की देखरेख में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी, जिला सर्वेक्षण अधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक एवं अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद, सभी तालुक चिकित्सा अधिकारियों, सीएचओ, प्राथमिक स्वास्थ्य अधिकारियों और अन्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) वित्त पोषित इस योजना के तहत एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), आशा कार्यकर्ता और प्राथमिक स्वास्थ्य अधिकारी सहित दो से चार लोगों की टीमों घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेगी।
Published on:
18 Nov 2023 11:44 am

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