
शुद्ध आचार, विचार जैनी की पहचान
बेंगलूरु. जय परिसर महावीर धर्मशाला में जयधुरन्धर मुनि ने कहा कि जैन की पहचाान उसके आचार, विचार से होती है, इसको बनाए रखना हम सबका कत्र्तव्य है। हर किसी को पूर्णता प्राप्त करने के लिए गुरु की आवश्यकता होती है। जयपुरन्दर मुनि ने चातुर्मास में अधिकाधिक धर्माराधना की प्रेरणा दी। जयमल संघ अध्यक्ष मीठालाल मकाणा ने बताया कि मुनिवृंद के प्रवचन प्रात: 7.30 से होंगे।
भक्तों के जयकारों से गूंजा पाŸव भैरव धाम
बेंगलूरु. दक्षिण नाकोड़ा तीर्थ संकट मोचन पाŸव भैरव धाम अरसीकेरे में गुरू पूर्णिमा मेला भक्तों के जयकारों से गूंज उठा। देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पाŸव भैरव महा पूजन का लाभ लिया। मिश्रीमल बोहरा की गुरु भक्ति गीतों की प्रस्तुति पर भक्तगण नाच उठे। पूजन के बाद भैरव को छप्पनभोग, 108 श्रीफल, पंचमेवा, पुष्प अर्पण एवं तेल चढ़ाया गया।
ट्रस्ट अध्यक्ष अशोक कुमार सुराना ने सभी भक्तों का स्वागत करते हुए तीर्थ निर्माण एवं ईंट योजना की विस्तार से जानकारी दी। विधिकारक अजय गुरु ने विधिवत पूजन पढ़ाई। ललित बर्मन एंड पार्टी ने संगीत से भक्ति रंग जमाया। चंद्रग्रहण का सूतक लगने से मंदिर 2.45 बजे मंगल किया गया।
गुरु लिखमीदास की जयंती मनाई
मैसूरु. सैनी (माली) समाज के तत्वावधान में नंजराज बहादुर चौल्ट्री में शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा एवं लिखमीदास महाराज जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर रात्रि जागरण में भजन कलाकार शंकरलाल माली एण्ड पार्टी एवं प्रवीण गहलोत ने भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दी, जिसमें गुरु के चरण में रहूं सहित बड़ी सुंदर भजनों की प्रस्तुतियां रही। शुक्रवार को दीप प्रज्ज्वलित कर संत शिरोमणी लिखमीदास महाराज की जयंती मनाई गई।
समाज अध्यक्ष मोडाराम सांखला ने समाज बंधुओं को संबोधित किया। महाप्रसादी में सभी ने लाभ लिया।
गुरु बिन घोर अंधेरे संतों...
मण्ड्या. माली सैनी समाज की ओर से गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में संत लिखमीदास का जन्मोत्सव वीवी रोड स्थित शारदा मंदिर में धूमधाम सें मनाया गया। समाजजनों ने संत की तस्वीर के समक्ष ज्योति प्रज्वलित व पूजा-अर्चना की गई। भजन जागरण में जैठू सिंह गोसेवा भजन मंडली ने 'आज मारे मन में आनंद भयो गुरुवर आया पावणा... 'गुरु बिन घोर अंधेरे संतों... 'चौंसठ जोगणी ए देवी रे मंदरिए रमजाव... आदि एक से बढ़कर एक मधुर भजनों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक स्थानीय लोगों के अलावा आसपास गांवों व ढाणियों से भी बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
Published on:
28 Jul 2018 06:49 pm
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