
कृषि ऋण माफी पर घोषणा कल : कुमारस्वामी
बेंगलूरु. नई दिल्ली. कृषि ऋण माफी को लेकर गरमाई राजनीति के बीच मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को फिर आक्रामक बयान दिया। कुमारस्वामी ने कहा कि अगर वे किसानों का ऋण चुनावी वादे के मुताबिक माफ नहीं कर पाए तो मुख्यमंत्री पद छोडऩे के साथ ही राजनीति से संन्यास ले लेंगे। कुमारस्वामी ने कहा कि ३० मई तक ऋण माफी के बारे में स्थिति साफ हो जाएगी। वे बुधवार को बेंगलूरु में इस बारे में घोषणा करेंगे।
मुख्यमंत्री बनने के बाद एक दिवसीय दिल्ली प्रवास पर गए कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद वहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे कृषि ऋण माफ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अगर ऐसा नहीं कर पाते हैं तो राजनीति से संन्यास ले लेंगे। कुमारस्वामी ने रविवार को कहा था कि अगर एक सप्ताह में वे ऋण माफ नहीं कर पाए तो पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी यह नहीं कहा कि ऋण माफ नहीं होंगे, लेकिन भाजपा मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने चुनाव में किसानों से सत्ता में आने पर २४ घंटे में ऋण माफी का वादा किया था, यह सच है, लेकिन अभी सरकार भी पूरी तरह से नहीं बनी है। गठबंधन की भी कुछ सीमाएं हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि कृषि ऋण माफी जैसे मसले पर स्वतंत्र निर्णय लेने के लिए जनता ने उन्हें जनादेश नहीं दिया है, वे कांग्रेस के साथ सरकार चला रहे हैं। बड़े फैसले से पहले गठबंधन के सहयोगी से परामर्श लेना भी जरूरी है। कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें इसके लिए थोड़ा वक्त चाहिए। कुमारस्वामी ने कहा कि वे पहले ही ऋण माफ नहीं कर पाने पर राजनीति से संन्यास लेने और पद छोडऩे की बात कह चुके हैं, लिहाजा थोड़ा इंतजार कीजिए।
कुमारस्वामी ने कहा कि ऋण माफी को लेकर दिशा-निर्देश तैयार हो चुके हैं और बुधवार को बेंगलूरु में इसे सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने लोगों से राजनीति का शिकार न होने की अपील करते हुए कहा कि उन्होंने ऋण माफी के मसले पर बी. एस. येड्डियूरप्पा सहित कई भाजपा नेताओं के बयान सुने हैं। कुमारस्वामी ने कहा 'मैं चुपचाप नहीं बैठा हूं, अपना काम कर रहा हूं।'
मोदी से मिले कुमारस्वामी
इससे पहले कुमारस्वामी ने शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ७, लोककल्याण मार्ग स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी मोदी से यह पहली मुलाकात थी। कुमारस्वामी ने इसे शिष्टाचार भेंट बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने ज्वलंत मसलों पर चर्चा की। मोदी ने खुद के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर अनुभव बताते हुए सरकार चलाने को लेकर सुझाव भी दिए। कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने मोदी से राज्य के विकास के लिए सहयोग मांगा। गौरतलब है कि शपथ लेने के बाद मोदी ने फोन कर कुमारस्वामी को बधाई भी दी थी। राजनीतिक हलकों में कुमारस्वामी के तल्ख बयानों और मोदी से मुलाकात को लेकर चर्चाएं भी हो रही हैं।
कोयले की पर्याप्त आपूर्ति की मांग
कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने मोदी से मुलाकात के दौरान राज्य के ताप विद्युत संयंत्रों मेें कोयले की कमी का मसला भी उठाया। बल्लारी, राचयूर, यरमरस संयंत्रों में कोयले की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की। कुमारस्वामी ने कहा कि इन संयंत्रों में कोयले का भंडार सिर्फ १५ दिन का ही बचा है। इसके अलावा अन्य मसलों पर भी चर्चा हुई। कुमारस्वामी दिल्ली प्रवास के दौरान राजघाट भी गए और राष्ट्रपति महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
Published on:
29 May 2018 01:10 am

बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
